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Patna : पटना में MSME क्षेत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में उद्योग विभाग ने एक अहम पहल की है। रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) योजना के तहत नव चयनित MSME मित्रों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। विकास भवन के तृतीय तल स्थित उद्योग विभाग के कांफ्रेंस हॉल में हुई इस कार्यशाला में MSME मित्रों को उनकी जिम्मेदारियों और सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला का मुख्य मकसद यह था कि MSME मित्र खुद सरकारी योजनाओं और सुविधाओं को अच्छी तरह समझें और फिर इसकी जानकारी छोटे-बड़े उद्यमियों तक पहुंचाएं। कई बार सरकारी योजनाएं और सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद उद्यमियों को सही जानकारी समय पर नहीं मिल पाती है। ऐसे में MSME मित्र उद्यमियों और विभाग के बीच संपर्क का काम करेंगे।
उद्यमियों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने MSME क्षेत्र की अहमियत को समझाते हुए बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में छोटे और मध्यम उद्योगों की बड़ी भूमिका है। बिहार में बड़ी संख्या में लोग छोटे कारोबार और उद्योगों से जुड़े हैं। ऐसे में इन उद्यमों को सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिलना बेहद जरूरी है।
MSME मित्रों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही RAMP योजना के तहत उद्यमियों के लिए उपलब्ध सहायता और सुविधाओं की भी जानकारी साझा की गई। उन्हें बताया गया कि किस योजना का लाभ किस तरह के उद्यमी उठा सकते हैं और आवेदन से जुड़ी प्रक्रिया में किस तरह उनकी मदद की जा सकती है।
कार्यशाला में इस बात पर भी जोर दिया गया कि MSME मित्र केवल योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहें। उन्हें उद्यमियों की वास्तविक समस्याओं को समझना होगा और जरूरत के अनुसार उन्हें संबंधित विभाग और सेवाओं से जोड़ना होगा। इससे उद्यमियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिल सकती है।

उद्यम रजिस्ट्रेशन और गुणवत्ता सुधार की दी जानकारी
कार्यशाला के दौरान उद्यम रजिस्ट्रेशन, ZED Certification और Lean Methodology जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। MSME मित्रों को बताया गया कि उद्यम रजिस्ट्रेशन से कारोबार को सरकारी स्तर पर पहचान मिलती है और इससे कई योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता आसान होता है।
वहीं, ZED Certification और Lean Methodology के जरिए उद्योगों में गुणवत्ता और उत्पादन प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि बेहतर गुणवत्ता, कम लागत और सही उत्पादन प्रक्रिया से छोटे उद्योग बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सकते हैं। MSME मित्रों से कहा गया कि वे उद्यमियों को इन सुविधाओं और प्रक्रियाओं के बारे में सरल भाषा में समझाएं, ताकि अधिक से अधिक कारोबारी इसका फायदा उठा सकें।
स्थानीय कारोबार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी
कार्यशाला में उद्यमियों के लिए निर्यात के अवसरों पर भी चर्चा की गई। MSME मित्रों को बताया गया कि अगर किसी स्थानीय उद्योग के उत्पाद की गुणवत्ता अच्छी है और वह जरूरी मानकों और प्रमाणन को पूरा करता है, तो उसे देश के दूसरे हिस्सों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहुंचाया जा सकता है।
इसके लिए उत्पाद की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया, बाजार की मांग और जरूरी प्रमाणन की जानकारी होना जरूरी है। MSME मित्र इस दिशा में भी उद्यमियों को सही जानकारी देकर आगे बढ़ने में मदद करेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर चल रहे छोटे उद्योगों को नए बाजार मिल सकते हैं और कारोबार का विस्तार हो सकता है।
कार्यशाला में MSME मित्रों को उनकी भूमिका को गंभीरता से निभाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने कहा कि उनका काम उद्यमियों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें सही दिशा दिखाना भी है। वे उद्यमियों की समस्याओं को विभाग तक पहुंचाने और विभाग की योजनाओं को उद्यमियों तक ले जाने के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेंगे।
कार्यशाला के अंत में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं का असली फायदा तभी दिखाई देगा, जब उसकी जानकारी जरूरतमंद उद्यमियों तक पहुंचे और उन्हें आवेदन से लेकर योजना का लाभ मिलने तक उचित मार्गदर्शन मिले। इस मौके पर उद्योग विभाग के पदाधिकारी, कर्मी और अन्य संबंधित प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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