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Patna : बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार और ConveGenius.AI के बीच शुक्रवार को MoU पर हस्ताक्षर किए गए। इसका मकसद राज्य में AI से जुड़े काम को बढ़ावा देना, युवाओं को नए कौशल की ट्रेनिंग देना और रोजगार के नए मौके तैयार करना है। मंत्री नीतीश मिश्रा की मौजूदगी में हुए इस समझौते पर सूचना प्रावैधिकी विभाग की ओर से उप सचिव शहनवाज अहमद नियाजी और ConveGenius.AI की ओर से कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जयराज भट्टाचार्या ने हस्ताक्षर किए। सरकार का कहना है कि इस सहयोग से बिहार में AI आधारित तकनीक, सेवाओं और प्रशिक्षण के क्षेत्र में काम को गति मिलेगी।
100 से ज्यादा रोजगार, 100 करोड़ से अधिक निवेश का प्रस्ताव
इस समझौते के तहत बिहार में 100 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की बात कही गई है। इसके अलावा स्थानीय युवाओं को तकनीकी रूप से तैयार करने और उन्हें AI से जुड़े काम के लिए जरूरी प्रशिक्षण देने पर भी जोर रहेगा। इससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। ConveGenius.AI की ओर से बिहार में 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव भी रखा गया है। यह निवेश प्लेटफॉर्म इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी संचालन और कार्यक्रमों से जुड़े काम में किया जाएगा। कंपनी बिहार में ऐसे AI Products और Solutions विकसित करने में सहयोग करेगी, जिनका इस्तेमाल आगे दूसरे राज्यों और देश के अन्य हिस्सों में भी किया जा सके।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का विजन बिहार को तकनीक के मामले में मजबूत बनाने और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने का है। AI और दूसरी नई तकनीकों में निवेश इसी दिशा में उठाया गया कदम है।

सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने में AI करेगा मदद
MoU के तहत ConveGenius.AI बिहार सरकार के साथ B-ONT यानी Bihar Ontology विकसित करने में सहयोग करेगा। इसके जरिए राज्य की अलग-अलग सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जुड़ी जानकारी को एक जगह जोड़ने की योजना है।
सरल शब्दों में समझें तो इससे सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी को एक ऐसे सिस्टम में व्यवस्थित किया जाएगा, जिसे AI आसानी से समझ सके। आगे चलकर AI आधारित सिस्टम लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी देने में मदद कर सकता है। इससे नागरिकों के लिए सरकारी सुविधाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
इसके लिए WhatsApp, IVR, Web और Android जैसे माध्यमों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। ConveGenius.AI पहले से ही सरकारों और संस्थानों के लिए AI Applications और Intelligent Agents पर काम कर रही है। इनका इस्तेमाल शिक्षा, नागरिक सेवाओं, कल्याणकारी योजनाओं और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है।
छात्रों से लेकर कर्मचारियों तक को मिलेगी AI की ट्रेनिंग
समझौते में बिहार के शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों में AI आधारित कौशल प्रशिक्षण को शामिल करने की बात भी कही गई है। इसका सीधा फायदा छात्रों और युवाओं को मिल सकता है। उन्हें बदलते रोजगार बाजार के हिसाब से नए तकनीकी कौशल सीखने का मौका मिलेगा।
यह प्रशिक्षण केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य के उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों, तकनीशियनों और उद्यमों तक भी इसे पहुंचाने की योजना है। इसका उद्देश्य मौजूदा कर्मचारियों को नई तकनीक के इस्तेमाल के लिए तैयार करना और उद्योगों में काम करने के तरीके को समय के साथ बदलना है।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि इस सहयोग से AI के क्षेत्र में काम, कौशल विकास, तकनीक के इस्तेमाल और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में स्थानीय स्तर पर तकनीकी रूप से दक्ष लोगों को तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सरकार के मुताबिक इस MoU के तहत तैयार होने वाले AI Systems, Data Platforms और उनसे जुड़े काम राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नियमों के मुताबिक किए जाएंगे। कोशिश यह है कि बिहार में AI का इस्तेमाल सुरक्षित तरीके से हो और आम नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तकनीक विकसित की जाए।
बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी विभाग की ओर से AI और दूसरी नई तकनीकों के जरिए राज्य को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम किए जाने की बात कही गई है। ConveGenius.AI के साथ हुआ यह समझौता इसी प्रयास का हिस्सा है।
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