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Patna : बिहार में सरकारी भवनों और बड़ी निर्माण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने को लेकर भवन निर्माण विभाग अब सख्त रुख अपना रहा है। विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने मंगलवार को मेगा परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और अभियंताओं को साफ निर्देश दिया कि काम तय समयसीमा के अंदर पूरा होना चाहिए। निर्माण में देरी हुई तो जिम्मेदारी तय कर संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि काम की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होगा।
विश्वेश्वरैया भवन स्थित कार्यालय कक्ष में हुई बैठक में भवन निर्माण विभाग के सभी प्रमंडलों की परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें विद्युत से जुड़े काम भी शामिल रहे। बैठक में बिहार विधानसभा परिसर में बन रहे डिजिटल संग्रहालय, बिहार लोक भवन परिसर की परियोजनाओं, संयुक्त कार्यालय भवन, जीविका मुख्यालय, एसडीआरएफ बिहटा के बचे काम और बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय समेत कई योजनाओं की स्थिति देखी गई।
विधानसभा में बन रहा डिजिटल संग्रहालय
बिहार विधानसभा परिसर में करीब 1.74 एकड़ जमीन पर डिजिटल संग्रहालय बनाया जा रहा है। फिलहाल यहां प्लिंथ से पहली मंजिल तक कॉलम की शटरिंग और आरसीसी ढलाई का काम चल रहा है। ग्राउंड फ्लोर की छत की शटरिंग भी की जा रही है। यह भवन भूतल समेत एक मंजिला होगा।
संग्रहालय में बिहार विधानसभा के गठन से लेकर अब तक के मुख्यमंत्रियों, विधानसभा अध्यक्षों, विधान परिषद के सभापतियों और विधायकों से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप में प्रदर्शित की जाएगी। इसके साथ ही बिहार के विधान मंडल के पिछले 100 वर्षों के इतिहास को भी डिजिटल तरीके से लोगों के सामने रखा जाएगा।
पटना के बिहार लोक भवन परिसर में राजेन्द्र भवन, राज्यपाल सचिवालय और अतिथि गृह का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। जी+1 अतिथि गृह का काम आगे के चरण में पहुंच चुका है। राजेन्द्र भवन बी+जी+1 और राज्यपाल सचिवालय बी+जी+2 संरचना में बनाया जा रहा है। सचिव ने इन कामों को भी तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया।

अभियंत्रण विश्वविद्यालय का काम लगभग पूरा
पटना में करीब 5 एकड़ जमीन पर बन रहा बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय लगभग तैयार हो चुका है। परिसर में कुछ जरूरी काम अभी चल रहे हैं। विश्वविद्यालय का मुख्य भवन जी+4 संरचना में बनाया गया है। इसमें छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं विकसित की गई हैं।
पूर्वी गार्डिनर रोड पर बन रहे संयुक्त कार्यालय भवन का काम भी अंतिम चरण में है। यहां प्लास्टर और पुट्टी का काम चल रहा है। सचिव ने बचे हुए काम को जल्द पूरा करने को कहा। भवन तैयार होने के बाद यहां सरकारी कार्यालयों के कामकाज के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी।
करीब 0.92 एकड़ जमीन पर बनने वाले जीविका मुख्यालय की भी समीक्षा की गई। यह भवन जी+7 होगा। वहीं राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, बांका परिसर में प्रशासनिक भवन, बालक और बालिका छात्रावास तथा गेस्ट हाउस का निर्माण चल रहा है।
काम अटका तो तुरंत दूर करें बाधा
एसडीआरएफ, बिहटा के बचे हुए कामों को भी जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया। सचिव ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण में जहां भी परेशानी आ रही है, उसे तुरंत दूर किया जाए। छोटी-छोटी अड़चनों के कारण बड़ी परियोजनाओं में देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने नियमित स्थल निरीक्षण पर भी जोर दिया। अधिकारियों और अभियंताओं को मौके पर जाकर निर्माण की स्थिति देखने और गुणवत्ता की जांच करने को कहा गया। सचिव ने स्पष्ट किया कि तय समय पर काम पूरा नहीं करने वाली एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में विभाग के अपर सचिव, अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंता समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। सचिव ने सभी परियोजनाओं की लगातार निगरानी करने और काम की रफ्तार बनाए रखने का निर्देश दिया।
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