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Patna : बिहटा एयरफोर्स स्टेशन से विमानों की सुरक्षित और नियमित उड़ानों की राह में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए बिहार सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। रनवे के पास अवैध निर्माण, जल निकासी की समस्या और जमीन से जुड़े मामलों को लेकर गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बुधवार को एक अहम समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में वायुसेना और पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रधान सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे आपस में तालमेल बनाकर तमाम लंबित मामलों को बिना देरी के निपटाएं।
रनवे के पास 100 मीटर के दायरे में होगी जांच
बैठक में एयरफोर्स स्टेशन बिहटा के ग्रुप कैप्टन अश्विनी कुमार ने उड़ानों की सुरक्षा से जुड़ी जमीनी दिक्कतों को सामने रखा। उन्होंने बताया कि रनवे के एप्रोच फनल क्षेत्र में कई अनाधिकृत निर्माण खड़े हो गए हैं, जिससे जहाजों की लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। इसके साथ ही वायुसेना केंद्र की चहारदीवारी से 100 मीटर के दायरे में हो रही निर्माण गतिविधियों की गहन जांच की मांग उठाई गई। प्रधान सचिव ने स्थानीय प्रशासन को इन अवैध ढांचों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा है, ताकि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो।


नालों पर अतिक्रमण और जमीन म्यूटेशन का हल जल्द
उड़ानों की सुरक्षा के अलावा स्थानीय स्तर पर जलनिकासी की गंभीर समस्या भी बैठक में उठी। ग्रामीणों द्वारा बरसाती नालों पर अतिक्रमण करने के कारण एयरपोर्ट परिसर में पानी निकासी बाधित हो रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे नालों से अवरोध तुरंत हटाएं ताकि बारिश के मौसम में जलभराव की नौबत न आए। इसके अलावा एयरफोर्स स्टेशन से सटी जमीन के नए आवंटन, रक्षा मंत्रालय की भूमि के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और नए बने 33 केवी बिजली फीडर को पूरी तरह एयरफोर्स को सौंपने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में एडीजी के. सुहिता अनुपम और विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह समेत अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल रहे।
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