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Patna : कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय अब सिर्फ इतिहास को देखने और जानने की जगह नहीं रहेगा। यहां आने वाले विद्यार्थी और शोधार्थी अब बैठकर पढ़ भी सकेंगे। 01 देशरत्न मार्ग स्थित भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय में मंगलवार को वाचनालय यानी रीडिंग रूम की शुरुआत की गई। कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने इसका उद्घाटन किया। वाचनालय शुरू होने के बाद कर्पूरी ठाकुर के जीवन और उनके विचारों को समझने के साथ ही बिहार के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास पर अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भी सुविधा मिलेगी। उद्घाटन के दौरान मंत्री ने कहा कि संग्रहालयों को सिर्फ घूमने और पुरानी चीजें देखने की जगह तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। यहां लोग आएं, पढ़ें, जानकारी हासिल करें और शोध करें, इस दिशा में काम करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने दिया था वाचनालय शुरू करने का निर्देश
कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय में वाचनालय शुरू करने की पहल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद हुई। मुख्यमंत्री ने 18 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद संग्रहालय का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए बेहतर अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वाचनालय शुरू करने का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संग्रहालय में वाचनालय तैयार किया गया। मंगलवार को मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने इसका उद्घाटन कर इसे विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए शुरू कर दिया। मंत्री ने कहा कि यह सुविधा खास तौर पर उन युवाओं के लिए उपयोगी होगी, जो कर्पूरी ठाकुर के जीवन और उनके विचारों के साथ बिहार के इतिहास, समाज और राजनीति पर पढ़ना या शोध करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश है कि राज्य के संग्रहालयों को ज्ञान और अध्ययन से जोड़ा जाए। संग्रहालय में पहले से मौजूद ऐतिहासिक सामग्री को देखने के साथ अगर लोगों को उसी विषय से जुड़ी किताबें और अध्ययन सामग्री पढ़ने की सुविधा मिलेगी तो वे इतिहास को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।
भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय-सह-वाचनालय में आज माननीय कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार जी ने वाचनालय (रीडिंग रूम) का उद्घाटन किया।#KarpuriThakur #ArtCultureBihar pic.twitter.com/eWAEh1X6vS
— Department of Art and Culture, Gov. Of Bihar (@ArtCultureBihar) August 11, 2026
कर्पूरी ठाकुर की चीजों को देखकर बोले मंत्री- युवाओं के लिए बड़ी सीख
वाचनालय के उद्घाटन से पहले मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने संग्रहालय परिसर में कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने संग्रहालय की अलग-अलग दीर्घाओं का दौरा किया। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर के जीवन से जुड़ी वस्तुओं को देखा। इनमें उनके कपड़े, चश्मा और रोजमर्रा के इस्तेमाल की दूसरी चीजें शामिल हैं। मंत्री ने कर्पूरी ठाकुर के कमरों का भी निरीक्षण किया और वहां रखी उनकी स्मृतियों के बारे में जानकारी ली। संग्रहालय में सुरक्षित इन वस्तुओं के जरिए कर्पूरी ठाकुर के सादगी भरे जीवन और उनके सार्वजनिक जीवन की झलक देखने को मिलती है।
इसके बाद मंत्री वाचनालय पहुंचे और वहां पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने युवाओं से उनकी पढ़ाई और रुचि के बारे में पूछा। साथ ही यह भी जाना कि वाचनालय में उन्हें किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। मंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और पढ़ाई के साथ अपने इतिहास और समाज को भी समझने की कोशिश करें।
अब संग्रहालय में बैठकर बिहार के इतिहास को समझ सकेंगे विद्यार्थी
वाचनालय शुरू होने से संग्रहालय आने वाले विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई का एक नया विकल्प तैयार हुआ है। कर्पूरी ठाकुर के जीवन और उनके संघर्ष से जुड़ी जानकारी के साथ विद्यार्थी बिहार के सामाजिक बदलाव, राजनीति, कला और संस्कृति से जुड़े विषयों को भी पढ़ सकेंगे। मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत काफी समृद्ध है। संग्रहालयों में इससे जुड़ी बहुत सी महत्वपूर्ण चीजें सुरक्षित हैं। ऐसे में जरूरत है कि युवा इन चीजों को केवल देखकर आगे न बढ़ें, बल्कि इनके पीछे की कहानी और इतिहास को भी समझें।
उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय में वाचनालय की शुरुआत इसी दिशा में एक कदम है। आने वाले समय में राज्य के दूसरे संग्रहालयों को भी अध्ययन और शोध से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने ही राज्य के इतिहास और विरासत को करीब से समझने का मौका मिल सके।
कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य अनिल ठाकुर, संग्रहालय निदेशक कृष्ण कुमार, अपर निदेशक डॉ. विनय कुमार, डॉ. शंकर सुमन, डॉ. विमल तिवारी समेत कला एवं संस्कृति विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
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