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Patna/New Delhi : जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने बुधवार को संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिष्टाचार मुलाकात की। मुलाकात भले ही औपचारिक रही, लेकिन बातचीत के केंद्र में देश का संसदीय लोकतंत्र, संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती जैसे अहम मुद्दे रहे। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाए रखना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
संसद की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर खुलकर हुई बात
करीब हुई इस मुलाकात में संसदीय व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, संविधान की भावना के अनुरूप काम करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने पर विस्तार से चर्चा हुई। जनहित और राष्ट्रहित से जुड़े कई समसामयिक विषयों पर भी दोनों नेताओं ने अपने विचार साझा किए। बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति बनी कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए संसद में संवाद, बहस और मर्यादा का कायम रहना बेहद जरूरी है।
नीतीश कुमार ने कहा कि संसद देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण संस्था है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए लगातार संवाद की आवश्यकता पर भी बल दिया।
ओम बिरला के काम की सराहना की
मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष के रूप में ओम बिरला की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा, संसदीय मर्यादाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाए रखने के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि संसद की कार्यवाही को सुचारु और सार्थक बनाए रखने में ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।
दोनों नेताओं ने इस बात को भी दोहराया कि संविधान सर्वोपरि है और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखते हुए जनसेवा और राष्ट्रहित को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा भी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति में हुई यह मुलाकात लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति साझा सम्मान और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने के संकल्प का संदेश देती नजर आई।
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