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Patna : बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि खेत सुरक्षित रहेंगे तभी खेती टिकाऊ बनेगी और किसान समृद्ध होंगे। जब तक मिट्टी की सेहत दुरुस्त नहीं होगी, तब तक किसान की जेब में खुशहाली नहीं आ सकती। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ में किसानों से सीधा संवाद करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि खेती को बचाने की यह मुहिम अब सरकारी फाइलों से निकलकर गांव-गांव का जन-आंदोलन बनेगी। उन्होंने मंच से साफ चेतावनी दी कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। ज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने की, जबकि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
खाद की जमाखोरी और खराब बीज पर सीधी जेल
कृषि मंत्री ने बीज कंपनियों, खाद कारोबारियों और विभागीय अफसरों से कहा कि किसानों को सही कीमत पर अच्छी खाद और तय समय पर बेहतरीन बीज मिलना विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यदि बीज वितरण में कोई घपला, लापरवाही या मिलावट मिली, तो संबंधित लोगों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। यही नहीं, अगर खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या तय सरकारी रेट से एक रुपया भी ज्यादा वसूलने की शिकायत मिली, तो जिम्मेदार लोगों पर प्रशासन का डंडा चलेगा। मंत्री ने मौके पर ही अफसरों को निर्देश दिए कि वे ग्राउंड पर नजर रखें और किसानों की हर समस्या का फौरन निपटारा करें।
रासायनिक खाद से तौबा, 16 लाख किसानों को सिखाएंगे प्राकृतिक खेती
श्री सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत 22 अक्टूबर से शुरू हुआ यह देशव्यापी अभियान 30 नवंबर तक पूरी ताकत से चलेगा। बिहार में इसकी शुरुआत मुजफ्फरपुर से की गई थी। अब रबी सीजन में इसे राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक ले जाया जाएगा। हर प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष कैंप लगेंगे, ताकि करीब 15 से 16 लाख किसानों तक सीधी पहुंच बनाई जा सके। उन्होंने बताया कि खरीफ के मौसम में भी 7,275 किसान बैठकों के जरिए छह लाख से ज्यादा किसानों को जोड़ा गया था, जिनमें दो लाख से अधिक महिला किसान शामिल थीं। मकसद बिल्कुल साफ है कि किसान रासायनिक खादों पर अपनी निर्भरता घटाएं, प्राकृतिक खेती अपनाएं और अपनी खेती की लागत कम करके मुनाफा बढ़ाएं।
स्कूली बच्चे भी जानेंगे मिट्टी की सेहत, 629 स्कूलों में खुलेंगी लैब
कृषि मंत्री ने आने वाली पीढ़ी को खेती से जोड़ने के लिए एक बड़े फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के सभी 38 जिलों के 629 पीएम श्री और राजकीय विद्यालयों में मिनी मिट्टी जांच लैब बनाई जाएंगी। इनमें से 160 स्कूलों में यह लैब पहले ही काम करना शुरू कर चुकी हैं। मंत्री ने कहा कि जब हमारे बच्चे खुद अपने हाथों से मिट्टी की जांच करेंगे और उसकी वैज्ञानिक खूबियों को समझेंगे, तभी वे अपने पुरखों की जमीन और पर्यावरण की असली कीमत जान पाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि नई पीढ़ी की यह वैज्ञानिक समझ बिहार की किसानी को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
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