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Patna : गंगा जल बंटवारे और फरक्का समझौते को लेकर बिहार सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है। पटना के चाणक्य होटल में जल संसाधन विभाग की ओर से आयोजित सेमिनार में सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की तरक्की, खेती और कल-कारखानों के लिए पर्याप्त पानी मिलना बेहद जरूरी है। गंगा जल संधि में राज्य के हितों को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए, ताकि हमारे हिस्से का पानी हमें पीने, खेतों की सिंचाई और उद्योगों के लिए बिना किसी रुकावट के मिल सके। सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य की नदियां, जल संपदा और बड़ी आबादी हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी तरक्की की सबसे बड़ी ताकत हैं। अगर हम अपनी चुनौतियों को ताकत में बदल लें, तो बिहार को देश का अव्वल राज्य बनने से कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम की शुरुआत सीएम ने पारंपरिक रूप से कलश में गंगा जल डालकर की।

सोन नदी के पानी पर 25 साल पुराना विवाद सुलझा, बिहार को मिलेगा तीन-चौथाई हिस्सा
सीएम ने सेमिनार में जानकारी दी कि बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे का जो विवाद पिछले 25 सालों से अटका हुआ था, उसका समाधान निकाल लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सहयोग से यह मसला हल हुआ है और अब तय फॉर्मूले के तहत बिहार को सोन नदी का तीन-चौथाई पानी मिलेगा। सीएम ने इसे राज्य के लिए एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि इस फैसले से दक्षिण बिहार के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल संकट दूर करने में बड़ी मदद मिलेगी।

गाद हटाने के लिए NHAI से होगा करार, राष्ट्रीय स्तर पर भी नीति की मांग
नदियों में गाद यानी सिल्ट जमा होने की समस्या पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि बिहार ने इसके लिए अपनी अलग राज्यस्तरीय नीति तैयार कर ली है। अब नदियों से गाद को वैज्ञानिक तरीके से निकाला जाएगा। इसके उपयोग के लिए बिहार सरकार जल्द ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ एक समझौता करने जा रही है, जिससे नदी की मिट्टी और गाद का इस्तेमाल सड़क व अन्य निर्माण कार्यों में किया जा सकेगा। सीएम ने मांग उठाई कि गाद प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक ठोस और प्रभावी नीति बनानी चाहिए।

विशेषज्ञों को कराएंगे गंगा का हवाई दौरा, जल प्रबंधन से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
गंगा के तटबंधों की मजबूती और जल प्रवाह की बेहतर समझ के लिए सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सेमिनार में आए देश भर के जल विशेषज्ञों को गंगा का हवाई सर्वेक्षण कराया जाए। ऊपर से देखने पर नदी के प्रवाह, कटाव और गाद जमाव की जमीनी हकीकत का सही अंदाजा लग सकेगा, जिससे विशेषज्ञ सटीक सुझाव दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक करोड़ लोगों को रोजगार और नौकरी देने का है। जल संसाधनों का सही उपयोग कर कृषि और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
कार्यक्रम के दौरान जल सुरक्षा से जुड़ी एक स्मारिका का विमोचन किया गया और बाढ़ प्रबंधन पर बनी एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, सांसद संजय कुमार झा सहित कई वरीय अधिकारी और जल विशेषज्ञ मौजूद रहे।

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