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Bokaro : बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। 18 साल की युवती पुष्पा महतो के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना प्रभारी से लेकर सिपाही तक कुल 28 पुलिसकर्मियों को एक साथ निलंबित कर दिया गया है। एसपी हरविंदर सिंह का कहना है कि इस मामले की जांच में कई पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। आरोप है कि कुछ लोग आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे थे, जिससे पुलिस की छवि भी खराब हुई।
24 जुलाई को मां ने दर्ज कराई थी अपहरण की शिकायत
जानकारी के मुताबिक, 24 जुलाई 2025 को खूंटाडीह गांव की रहने वाली रेखा देवी ने थाना में आवेदन दिया था। उन्होंने बताया था कि उनकी 18 वर्षीय बेटी कुमारी पुष्पा महतो को किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपहरण कर लिया है। रेखा देवी ने बेटी की तलाश की गुहार लगाई थी, लेकिन शुरुआती जांच में पुलिस की तरफ से वह तेजी नहीं दिखी, जिसकी उम्मीद थी।
4 अगस्त को दर्ज हुआ केस, अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर
इस घटना के बाद पिंड्राजोरा थाना में कांड संख्या 147/25 दर्ज किया गया। केस 4 अगस्त 2025 को दर्ज हुआ और इसमें धारा 140(3) बीएनएस लगाई गई। केस अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ था।
SIT टीम की जांच पर उठे सवाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक SIT टीम बनाई गई थी। लेकिन एसपी ऑफिस की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि SIT में शामिल कुछ पुलिस अधिकारियों ने सही तरीके से काम नहीं किया। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का ठीक से पालन नहीं हुआ। इतना ही नहीं, यह भी शक हुआ कि कुछ लोग जानबूझकर जांच को कमजोर कर रहे थे।
नई टीम बनी और एक दिन में हुआ खुलासा
मामला जब बिगड़ता दिखा तो पुलिस विभाग ने एक नई टीम बनाई। इस टीम का नेतृत्व नगर डीएसपी आलोक रंजन को दिया गया। बताया गया कि नई टीम ने सिर्फ एक दिन में पूरे मामले का खुलासा कर दिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की निशानदेही पर कंकाल, कपड़े और चाकू बरामद
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर अपहृता युवती के शव से जुड़े सबूत बरामद किए।
बरामद सामान में शामिल है :
- शव का कंकाल और हड्डियां
- युवती के पहने हुए कपड़े
- हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू
इस बरामदगी के बाद साफ हो गया कि पुष्पा महतो की हत्या कर दी गई थी।
थाने के पुलिसकर्मियों पर सहयोग न करने का आरोप
एसपी हरविंदर सिंह के अनुसार पिंड्राजोरा थाना में पदस्थापित और प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मियों ने केस सुलझाने में पूरा सहयोग नहीं किया। यह भी कहा गया कि थाना स्तर पर गोपनीयता नहीं रखी गई, जिससे मामले की जांच प्रभावित हुई।
पैसे की लेनदेन और पार्टी करने की भी चर्चा
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ पुलिसकर्मियों पर आरोपी को बचाने के लिए गलत तरीके अपनाने के आरोप लगे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक :
- आरोपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश हुई
- पैसे का लेनदेन होने की बात सामने आई
- आरोपी के साथ पार्टी करने की भी चर्चा है
इन्हीं आरोपों की वजह से विभाग की काफी किरकिरी हुई।
थानेदार से लेकर सिपाही तक सभी निलंबित
इन सभी बातों को गंभीर मानते हुए पुलिस विभाग ने एक साथ पूरे थाना स्टाफ पर कार्रवाई कर दी। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों की संख्या इस प्रकार है:
निलंबित कर्मियों की सूची
- एसआई – 10
- एएसआई – 05
- हवलदार – 02
- सिपाही – 11
कुल निलंबित : 28
सभी को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित किया गया है।
पुलिस विभाग का साफ संदेश, गलती करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा
एसपी हरविंदर सिंह ने साफ कहा है कि अगर किसी पुलिसकर्मी ने आरोपी को बचाने की कोशिश की है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आगे और जांच होगी और जरूरत पड़ी तो और भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है।
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