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Rohtak (Haryana) : हरियाणा पुलिस इस वक्त सवालों के घेरे में है… एक के बाद एक मौतें, आत्महत्याओं के पीछे छिपे सिस्टम के साये और सच्चाई की तलाश। एडीजीपी सुसाइड केस की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब रोहतक साइबर सेल के एएसआई संदीप की रहस्यमय मौत ने पूरे पुलिस तंत्र को हिला दिया है। मंगलवार दोपहर लाढ़ोत-धामड़ रोड पर एक मकान में खून से लथपथ एएसआई संदीप की लाश मिली, सिर पर गोली का निशान और चारपाई के पास पड़ी सर्विस रिवॉल्वर ने सब कुछ बयान कर दिया।
घटनास्थल पर सन्नाटा और सवालों का ढेर
सफेद शर्ट और नीली जींस में लिपटा शव, कमरे में पसरा सन्नाटा और दीवार पर टंगा कैलेंडर… तारीख 14 अक्टूबर। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो वहां तीन पेज का सुसाइड नोट और एक वीडियो मैसेज मिला। सुसाइड नोट के शब्द आग की तरह हैं… नाम लिया गया है, आरोप लगाए गए हैं, और एक सिस्टम पर उंगली उठाई गई है। डीएसपी गुलाब सिंह ने मौके का मुआयना किया और एफएसएल टीम को जांच के लिए बुलाया। उन्होंने कहा अभी कुछ भी पुख्ता नहीं कहा जा सकता, परिजनों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
“सिस्टम हाईजैक हो चुका है”… ASI का आखिरी बयान
वीडियो मैसेज में संदीप की आवाज़ कांप रही थी, लेकिन शब्द बेहद स्पष्ट थे। उन्होंने इल्जाम लगाया कि पूरन कुमार भ्रष्ट अधिकारी थे। मैंने सबूत जुटाए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने खुदकुशी की। सिस्टम जातिवाद के सहारे हाईजैक हो चुका है… मेरी मौत एक सच्चाई उजागर करेगी। उनके मुताबिक दिवंगत IPS वाई. पूरन कुमार सिर्फ एक अफसर नहीं, बल्कि एक नेटवर्क का हिस्सा थे। संदीप ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन किसी ने सुनी नहीं। उन्होंने लिखा कि अब मेरी मौत ही जांच की वजह बने।
हरियाणा के आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस की जांच कर रहे ASI ने किया सुसाइड, वीडियो बयान में लगाए गंभीर आरोप, नोट भी लिखा….
-एएसआई संदीप कुमार लाठर ने आईपीएस वाई पूरन कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए गोलीमार कर सुसाइड कर लिया है।
-रोहतक के साइबर सेल में तैनात एएसआई संदीप कुमार… pic.twitter.com/1ELtNIMFfE— आदित्य तिवारी / Aditya Tiwari (@aditytiwarilive) October 14, 2025
पूरन कुमार की मौत और संदीप की कहानी में कनेक्शन
संदीप की मौत IPS पूरन कुमार की आत्महत्या के सात दिन बाद हुई है। पूरन कुमार के निधन के बाद पुलिस महकमे में पहले से ही हलचल थी। अब एएसआई की आत्महत्या ने उस कहानी में नया मोड़ जोड़ दिया है… क्या यह दो आत्महत्याएं एक ही ‘सिस्टम’ की परिणति हैं, या पर्दे के पीछे कोई बड़ा खेल चल रहा है?
जांच के घेरे में पूरा महकमा
संदीप के सुसाइड नोट में बार-बार ‘भ्रष्टाचार’ और ‘जातिवाद’ जैसे शब्द आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सिस्टम में जातीय पहचान के नाम पर भ्रष्टाचार को ढका जा रहा है। सवाल यह है कि अगर एक पुलिसकर्मी खुद को इतना असहाय महसूस करे कि सर्विस रिवॉल्वर से जान ले ले — तो क्या पुलिस महकमे में अंदर से सब कुछ ठीक है?

डीएसपी बोले… “सत्य सामने आएगा”
डीएसपी गुलाब सिंह ने कहा कि एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल मामला संवेदनशील है और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। लेकिन एक बात तय है… हरियाणा पुलिस की साख एक बार फिर कटघरे में खड़ी है।

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