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Chennai : तमिलनाडु की राजनीति में इस बार कुछ अलग होता दिख रहा है। मतगणना के शुरुआती रुझानों ने कई पुराने समीकरण हिला दिए हैं। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने जिस तरह से बढ़त बनाई है, उसने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। टीवीके करीब 109 सीटों पर आगे चल रही है, जो बहुमत के आंकड़े 118 से थोड़ा ही कम है। यही वजह है कि पार्टी समर्थकों में जश्न जैसा माहौल बनने लगा है, वहीं बाकी दलों में हलचल तेज हो गई है।
दशकों पुरानी राजनीति को चुनौती
तमिलनाडु में लंबे समय से दो बड़े दलों का दबदबा रहा है, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम। लेकिन इस बार तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है। एआईएडीएमके करीब 62 सीटों पर आगे है, जबकि डीएमके 41 सीटों पर सिमटी हुई दिख रही है। यह रुझान इस बात का संकेत दे रहे हैं कि जनता इस बार बदलाव के मूड में है और नए विकल्प को मौका देना चाहती है।
क्या बनेगी साफ सरकार या होगा पेच?
हालांकि टीवीके बहुमत के बेहद करीब है, लेकिन अभी भी कुछ सीटों का अंतर बाकी है। अगर अंतिम नतीजों में थोड़ा भी फेरबदल हुआ, तो त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बन सकती है। ऐसी स्थिति में गठबंधन की राजनीति शुरू हो सकती है और सरकार बनाने के लिए जोड़-तोड़ का दौर देखने को मिल सकता है।
विजय के घर के बाहर भारी भीड़, सुरक्षा कड़ी
चेन्नई के नीलांगरई इलाके में स्थित विजय के घर के बाहर सुबह से ही समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। जैसे-जैसे रुझान आते गए, भीड़ और बढ़ती गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। समर्थक ढोल-नगाड़े के साथ जश्न मनाने के मूड में दिख रहे हैं, हालांकि प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
खुद भी आगे चल रहे हैं विजय
रुझानों के मुताबिक विजय पेरंबुर और तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट से आगे चल रहे हैं। यह उनके लिए व्यक्तिगत तौर पर भी बड़ी जीत की ओर इशारा करता है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने बार-बार कहा था कि उनकी पार्टी अपने दम पर सरकार बनाएगी और लोगों को एक नया विकल्प देगी। अब शुरुआती नतीजे उनके दावे को मजबूत करते दिख रहे हैं।
डीएमके को झटका, एंटी इंकम्बेंसी की चर्चा
2021 के चुनाव में डीएमके ने 146 सीट जीतकर सरकार बनाई थी। उस वक्त पार्टी को भारी जनसमर्थन मिला था। लेकिन इस बार के रुझानों में पार्टी पीछे दिख रही है। इससे यह चर्चा तेज हो गई है कि जनता सरकार के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी और बदलाव चाहती थी।
अलग-अलग सीटों पर दिलचस्प मुकाबला
राज्य के कई इलाकों में मुकाबला बेहद कांटे का है। बोदिनायक्कनूर सीट पर डीएमके उम्मीदवार मजबूत स्थिति में बताए जा रहे हैं। वहीं नाम तमिलर कच्ची और निर्दलीय उम्मीदवार भी कुछ सीटों पर असर डालते दिख रहे हैं, जिससे नतीजों में बदलाव संभव है।
अफवाहों के बीच सामने आई दुखद घटना
कृष्णागिरी जिले से एक परेशान करने वाली खबर भी आई है। टीवीके समर्थक महेंद्रन ने पार्टी की हार की अफवाह सुनकर आत्महत्या की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि चुनावी माहौल में अफवाहें किस तरह लोगों को प्रभावित कर सकती हैं।
अब सबकी नजर अंतिम नतीजों पर
फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन इतना तय है कि तमिलनाडु की राजनीति इस बार एक नए मोड़ पर खड़ी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या टीवीके बहुमत का आंकड़ा पार कर पाएगी या फिर राज्य में त्रिशंकु विधानसभा बनेगी। आने वाले कुछ घंटों में यह साफ हो जाएगा कि तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी और क्या यह चुनाव एक नई राजनीतिक शुरुआत साबित होगा।
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