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Bhagalpur : भागलपुर में कोसी-सीमांचल और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु रविवार देर रात अचानक टूट गया। पुल के पिलर नंबर 133 के पास सड़क का बड़ा स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया। इस घटना के बाद पुल पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है और भागलपुर-नवगछिया के बीच संपर्क टूट गया है। बताया जा रहा है कि भागलपुर की ओर शुरुआती हिस्से में पहले धंसाव हुआ और फिर करीब 33 मीटर हिस्सा गंगा में समा गया। घटना आधी रात करीब 12:50 बजे हुई, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।
पहले दिखा गैप, फिर तेजी से बिगड़े हालात
जानकारी के मुताबिक रविवार रात करीब 11:50 बजे पुल के हिस्से में सस्पेंशन के पास गैप देखा गया था। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए। रात 12:10 बजे यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को देखा। 12:15 बजे एहतियात के तौर पर पुल के दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। इसके बाद 12:50 बजे पुल का हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया।
पुलिस की सतर्कता से बची कई जानें
गनीमत रही कि हादसे के वक्त पुल पर कई वाहन मौजूद थे, लेकिन ट्रैफिक थाना और पुलिस बल की तत्परता से सभी वाहनों को समय रहते पीछे हटाकर सुरक्षित कर लिया गया। अगर कुछ मिनट की देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासन की सतर्कता से किसी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई।
डीएम और एसएसपी पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने साफ कहा कि सुरक्षा को देखते हुए पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। डीएम ने बताया कि पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। डीएम नवल किशोर चौधरी ने कहा सुरक्षा के मद्देनजर विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।
ट्रैफिक डायवर्ट, वैकल्पिक रास्ते से जाने की अपील
मामले पर एसएसपी प्रमोद यादव ने बताया कि यातायात को तुरंत वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और वैकल्पिक रास्तों का ही इस्तेमाल करें। एसएसपी ने जानकारी दी कि नवगछिया की ओर जाने वाले लोगों को अब सुल्तानगंज होते हुए मुंगेर पुल की तरफ भेजा जा रहा है। इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
पुल की मरम्मत शुरू नहीं होने से बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों और अधिकारियों के मुताबिक पुल की मरम्मत को लेकर पहले से तैयारी चल रही थी, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया था। इसी बीच यह बड़ा हादसा हो गया। अब पुल के लिए नए सिरे से विस्तृत प्राक्कलन तैयार किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि पहले नुकसान का सही आकलन होगा, उसके बाद मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
15 से 20 दिन लगने की संभावना
पुल निर्माण से जुड़े इंजीनियरों का कहना है कि करीब 33 मीटर हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। ऐसे में पुल को तुरंत दुरुस्त करना आसान नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक इसे ठीक करने में कम से कम 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। इसके बाद ही पुल पर यातायात बहाल होने की उम्मीद है।
लोगों की परेशानी बढ़ी, बाजार और रोजमर्रा की आवाजाही पर असर
विक्रमशिला सेतु पूर्वी बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ने वाली अहम सड़क कड़ी है। इस पुल के बंद होने से आम लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यापारियों और मरीजों को अब लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। खासकर नवगछिया, कोसी और सीमांचल की तरफ जाने वाले लोगों के लिए यह बड़ी समस्या बन गई है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने साफ कहा है कि पुल के आसपास भीड़ न लगाएं और केवल तय किए गए वैकल्पिक मार्ग से ही यात्रा करें। पुल की स्थिति की जांच तकनीकी टीम कर रही है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर होगी।
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