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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के रजरप्पा इलाके में शुक्रवार की सुबह उस समय हलचल बढ़ गई, जब सीसीएल सुरक्षादल की कई टीमें एक साथ भूचूंगडीह गांव की ओर बढ़ीं। गांव के आसपास जंगलों और झाड़ियों के बीच महीनों से चल रहे ‘काला सोना’ यानी अवैध कोयला भंडारण के खेल पर आखिरकार सुरक्षादल ने बड़ी कार्रवाई कर दी। छापेमारी के दौरान करीब 210 टन अवैध कोयला बरामद किया गया। यह कार्रवाई CCL रजरप्पा क्षेत्र के सुरक्षा विभाग की ओर से क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी आशीष झा के नेतृत्व में की गई। अभियान में सुरक्षा विभाग के जवानों के साथ गृह रक्षावाहिनी के जवान भी शामिल थे।
चोरी का कोयला, जंगलों में बन रहा था काला कारोबार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से रात के अंधेरे में कोयला ढोने की गतिविधियां बढ़ गई थीं। आरोप है कि CCL रजरप्पा परियोजना और वाशरी रेलवे साइडिंग से चोरी कर कोयला छोटे-छोटे ठिकानों तक पहुंचाया जाता था। वहां से उसे जंगल और झाड़ियों में जमा किया जाता था ताकि बाद में ट्रैक्टर और छोटे वाहनों के जरिए दूसरे इलाकों में भेजा जा सके। सुरक्षा विभाग को भी लगातार इसकी सूचना मिल रही थी। बताया जाता है कि कई दिनों से इस पूरे नेटवर्क पर नजर रखी जा रही थी। शुक्रवार सुबह सूचना पक्की होते ही सुरक्षादल ने अलग-अलग जगहों पर एक साथ दबिश दी। जंगल के भीतर और झाड़ियों के पीछे छिपाकर रखे गए कोयले के बड़े-बड़े ढेर देखकर खुद सुरक्षाकर्मी भी हैरान रह गए। कार्रवाई के दौरान कई लोग मौके से भाग निकले, लेकिन भारी मात्रा में कोयला जब्त कर लिया गया। बाद में पूरे कोयले को सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया।
कोयला चोरी के पीछे पूरा नेटवर्क एक्टिव
रजरप्पा क्षेत्र में कोयला चोरी कोई नई बात नहीं है। यहां लंबे समय से संगठित तरीके से यह धंधा चलने की शिकायत मिलती रही है। जानकार बताते हैं कि इसमें कई स्तर पर लोग जुड़े रहते हैं। कुछ लोग रेलवे रैक और परियोजना क्षेत्र से कोयला निकालते हैं, जबकि दूसरे लोग उसे जमा करने और बाहर भेजने का काम करते हैं। ग्रामीण इलाकों के आसपास जंगल और सुनसान जगहें होने के कारण अवैध भंडारण करने वालों को आसानी मिल जाती है। यही वजह है कि सुरक्षादल को लगातार निगरानी करनी पड़ रही है।
रेलवे साइडिंग पर बढ़ रहा खतरा
सीसीएल सुरक्षा विभाग ने एक और गंभीर चिंता जताई है। अधिकारियों के मुताबिक, हाल के दिनों में कुछ महिलाएं और अन्य लोग रेलवे रेक पर चढ़कर कोयला निकालने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार लोग चलती मालगाड़ी तक पर चढ़ जाते हैं। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ गैरकानूनी काम नहीं, बल्कि जानलेवा भी है। जरा सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती है। पहले भी कई इलाकों में इस तरह की घटनाओं में लोगों की जान जा चुकी है।
“CCL की संपत्ति की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी”
क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी आशीष झा ने साफ कहा कि कोयला चोरी और डीजल चोरी करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीसीएल की संपत्ति की सुरक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता है और किसी भी हालत में अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे ऐसे कामों से दूर रहें और अगर कहीं अवैध कोयला भंडारण, चोरी या परिवहन की जानकारी मिले तो तुरंत सुरक्षा विभाग को सूचना दें।
जवानों ने संभाला मोर्चा
इस अभियान में नकुल नायक, अजय कुमार राणा, दशरथ ओरांव समेत गृह रक्षावाहिनी के छह जवानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सुरक्षादल का कहना है कि आने वाले दिनों में भी रजरप्पा क्षेत्र में लगातार छापेमारी और निगरानी अभियान चलाया जाएगा ताकि कोयला चोरी के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
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