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Patna : बिहार में क्रिकेट के विकास के लिए अब तक काफी काम हुआ है, लेकिन दूसरे खेलों को भी बराबर मौका देने की जरूरत है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, तभी वे आगे बढ़ पाएंगे। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने सोमवार को प्रखंड स्तर पर प्रस्तावित खेल परिसरों के प्रस्तुतीकरण के दौरान यह बात कही। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि प्रखंडों में बनने वाले खेल परिसर ऐसे हों, जहां खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रशिक्षण की जरूरी सुविधाएं एक ही जगह मिल सकें।
प्रखंडों में मैदान के साथ जिम, शूटिंग और स्विमिंग की सुविधा
राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड की ओर से खेल मंत्री के सामने प्रस्तावित खेल अवसंरचना का पूरा प्रारूप रखा गया। इसमें बताया गया कि प्रखंड स्तर पर विकसित किए जाने वाले खेल परिसरों में बहुउद्देशीय खेल मैदान के साथ शूटिंग एरिया, स्विमिंग एरिया और फिटनेस सेंटर यानी जिम जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। मंत्री ने कहा कि खेल परिसर सिर्फ मैदान बनाकर छोड़ देने वाली योजना नहीं होनी चाहिए। खिलाड़ियों को वहां नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण की सुविधा मिलनी चाहिए। इसके लिए परिसर में अलग-अलग खेलों की जरूरत के हिसाब से व्यवस्थाएं विकसित करना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खेल परिसरों की योजना बनाते समय खिलाड़ियों की जरूरत को सबसे ऊपर रखा जाए। खासकर ऐसे इंतजाम किए जाएं, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर माहौल मिल सके।

बच्चों के लिए सुरक्षित हो खेल परिसर
प्रस्तुतीकरण देखने के बाद श्रेयसी सिंह ने खेल परिसरों को लेकर कई सुझाव दिए। उन्होंने फिटनेस सेंटर, शूटिंग और तैराकी जैसी सुविधाओं को बेहतर तरीके से शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि परिसर में खिलाड़ियों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
मंत्री ने बच्चों के अनुकूल सुविधाएं विकसित करने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि खेल परिसरों में आने वाले बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे सुरक्षित माहौल में अभ्यास कर सकें। खेल सुविधाओं का निर्माण इस तरह किया जाए कि उनका इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी कर सकें।
छोटे शहरों और गांवों के खिलाड़ियों को मिलेगा फायदा
सरकार की इस योजना का सबसे बड़ा फायदा प्रखंड स्तर के खिलाड़ियों को मिलने की उम्मीद है। अभी कई खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। प्रखंड स्तर पर ही अच्छी सुविधाएं मिलने से उनकी यह परेशानी कम हो सकती है।
बैठक में खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण, खेल विभाग के निदेशक आरिफ अहसन सहित विभाग और संबंधित संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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