अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार में अपराध नियंत्रण और कानून का राज बनाए रखने के लिए सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सीएम सम्राट चौधरी ने साफ लहजे में कह दिया है कि सूबे में अमन-चैन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी या असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में हुई हाई लेवल समीक्षा बैठक में उन्होंने पुलिस महकमे को दो टूक निर्देश दिया कि अपराधियों की थानेवार कुंडली तैयार करें और आदतन बदमाशों पर सीधे सीसीए यानी क्राइम कंट्रोल एक्ट के तहत कार्रवाई करें। इस बैठक में गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के तमाम आला अधिकारी मौजूद थे, जहां अपराध के आंकड़ों से लेकर आपातकालीन सेवाओं तक की गहन समीक्षा की गई।
थानेवार बनेगी अपराधियों की सूची, दो घंटे में संभालना होगा सोशल मीडिया
सीएम सम्राट चौधरी ने पुलिस अफसरों से कहा कि अपराध नियंत्रण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर असर दिखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि हर जिले और थाने के स्तर पर सक्रिय अपराधियों की ताजा सूची तैयार की जाए। संवेदनशील इलाकों और पुरानी रंजिश वाले ठिकानों की पहचान कर वहां पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा हो। इसके साथ ही डिजिटल दुनिया में फैल रहे जहर को लेकर भी सीएम ने बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों, भड़काऊ पोस्ट डालने वालों और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाए। अगर इंटरनेट पर कोई संवेदनशील मामला सामने आता है, तो संबंधित जिले के डीएम और एसपी को दो घंटे के भीतर स्थिति साफ करनी होगी और आवश्यक एक्शन लेना होगा। मुख्यालय स्तर से इसकी सीधी मॉनिटरिंग की जाएगी। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 1930 का हर गांव-कस्बे तक प्रचार करने को कहा, ताकि पीड़ित को समय रहते मदद मिल सके।
विधि-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अपराध नियंत्रण एवं कानून का राज स्थापित करने हेतु सख्त निर्देश दिए।
अपराध के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
सुशासन, सुरक्षा और न्याय हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। https://t.co/BG5oOZ5Zrr
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) October 9, 2026
डायल 112 ने राष्ट्रीय औसत को पछाड़ा, नशा और आर्थिक माफिया पर नकेल
बैठक में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल 112 की प्रगति रिपोर्ट भी रखी गई। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में डायल 112 का औसत रिस्पांस टाइम लगभग 11 मिनट या उससे कम पर आ गया है, जबकि इसका राष्ट्रीय औसत 17 मिनट के आसपास है। सीएम ने इस काम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस को यहीं नहीं रुकना है, बल्कि आधुनिक तकनीक के सहारे इस समय को और घटाना होगा ताकि संकट के समय जनता को फौरन मदद मिल सके। इसके अलावा जिला स्तर पर दंगा निरोधी दस्तों के पुनर्गठन और एसटीएफ को और अधिक आधुनिक हथियारों व संसाधनों से लैस करने का फैसला लिया गया।
नशे के अवैध कारोबार और आर्थिक अपराधों पर चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि केवल छोटी मछलियों को पकड़ने से काम नहीं चलेगा। नशीले पदार्थों के पूरे सिंडिकेट और अवैध तरीके से अकूत संपत्ति बनाने वाले आर्थिक अपराधियों की जड़ पर वार करना होगा। उन्होंने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में पुख्ता चार्जशीट दाखिल करें और कोर्ट में प्रभावी पैरवी करके जल्द से जल्द सजा दिलवाएं।

परीक्षाओं में धांधली पर जीरो टॉलरेंस, महिला पुलिसकर्मियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
सीएम ने प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राज्य में सभी परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी और कदाचार मुक्त होनी चाहिए। पेपर लीक या किसी भी तरह की धांधली की कोशिश करने वाले गिरोहों को सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाए। सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और महिला पुलिसकर्मियों की कार्यदशा को लेकर भी अहम निर्देश जारी किए गए। सीएम ने कहा कि थानों और फील्ड में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को काम करने का सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए। सार्वजनिक जगहों पर फूहड़पन फैलाने वालों और अश्लील गानों के जरिए माहौल बिगाड़ने वालों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह व संजय कुमार सिंह, विशेष शाखा के डीजी कुंदन कृष्णन, निगरानी डीजी जे.एस. गंगवार और मद्य निषेध डीजी एन.के. आजाद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें : फिर भीगी सीएम हेमंत की पलकें, मां रूपी सोरेन के निमित्त परोसा पारंपरिक भोजन


