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Patna : अगस्त महीने के आखिरी हफ्ते में भारी बारिश और उफनती नदियों की वजह से आई बाढ़ से जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई थी, उनके लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ कक्ष में आयोजित कृषि विभाग के कार्यक्रम में 2,48,704 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 112.52 करोड़ रुपए की कृषि इनपुट अनुदान राशि सीधे ट्रांसफर कर दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अफसरों को दो टूक निर्देश दिया कि दशहरा खत्म होते ही 22 अक्टूबर से विशेष अभियान शुरू किया जाए, ताकि जो भी जरूरतमंद किसान छूट गए हैं, उन्हें भी समय पर मुआवजा मिल सके और कोई भी पीड़ित किसान आर्थिक मदद से वंचित न रहे।
4.57 लाख किसानों ने किया था आवेदन, बाकी बचे किसानों की भी होगी भरपाई
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में किसानों तक फौरी मदद पहुंचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि फसल नुकसान की भरपाई समय पर हो जाए ताकि किसान अगली खेती की तैयारी बिना किसी रुकावट के कर सकें। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कुल 4,57,616 किसानों ने अनुदान के लिए आवेदन दिया था। इनमें से जांच के बाद 2,48,704 किसानों के खातों में आज 112.52 करोड़ रुपए भेज दिए गए हैं। जो किसान तकनीकी या अन्य कारणों से छूट गए हैं, उन्हें 22 अक्टूबर से चलने वाले विशेष अभियान में जोड़कर राहत राशि दी जाएगी।

किस फसल पर कितनी मदद मिलेगी
सरकार ने जमीन और फसल के प्रकार के हिसाब से अनुदान की दरें तय की हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 8,500 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से भुगतान किया जा रहा है। वहीं, सिंचित क्षेत्र के किसानों को 17,000 रुपए प्रति हेक्टेयर और बारहमासी यानी बहुवर्षीय फसलों के नुकसान पर 22,500 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से राहत दी जा रही है। इस आर्थिक मदद से किसान खाद, बीज और जुताई जैसे जरूरी संसाधनों का इंतजाम आसानी से कर सकेंगे।
सरकार का जोर किसानों की आमदनी और सुरक्षा पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमेशा किसानों की भलाई को केंद्र में रखकर काम किया है। राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और खेती को घाटे के सौदे से बाहर निकालने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बाढ़ के दौरान कृषि विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के बेहतर तालमेल की भी सराहना की।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह और दोनों विभागों के प्रधान सचिव समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। वहीं बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे।
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