अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की मांगों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से ही गंभीर रही है। अब उनकी मांगों पर फैसला भी लिया गया है। सबसे अहम निर्णय TRE-4 परीक्षा को लेकर हुआ है। इस बार TRE-4 की परीक्षा एक ही चरण में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही एक अभ्यर्थी एक परिणाम के मामले में भी नियम के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने कहा कि सरकार छात्रों के कल्याण और उनके बेहतर भविष्य को लेकर लगातार काम कर रही है। परीक्षा व्यवस्था में सुधार से लेकर छात्रों की शिकायतों के जल्द समाधान तक कई स्तर पर कदम उठाए गए हैं। सरकार ने परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ कमिटी बनाने के साथ विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और विद्यार्थी सहयोग शिविर शुरू करने का भी फैसला लिया है। सरकार के अनुसार इन माध्यमों से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।
छात्रों की मांगों पर सरकार के 10 बड़े फैसले
- TRE-4 सिंगल फेज में : शिक्षक बहाली की चौथे चरण (TRE-4) की परीक्षा अब एक ही चरण में पूरी होगी। साथ ही “एक अभ्यर्थी, एक परिणाम” की मांग पर नियमों के तहत आगे काम होगा।
- हाईकोर्ट जज की कमेटी करेगी जांच : 70वीं BPSC परीक्षा में धांधली के आरोप, BSSC परीक्षाओं में देरी, 1799 दरोगा बहाली और असिस्टेंट प्रोफेसर से पहले BET परीक्षा कराने के मामले अब पटना हाईकोर्ट के जज की अगुवाई वाली विशेषज्ञ कमेटी देखेगी। छात्र अपने सबूत इसी कमेटी के सामने रखेंगे।
- दरोगा बहाली पर रोक : 1799 दरोगा बहाली की अगली प्रक्रिया जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक आगे नहीं बढ़ेगी।
- लाइब्रेरियन के खाली पद भरेंगे : स्कूलों और कॉलेजों में खाली पड़े पुस्तकालयाध्यक्षों के पदों पर जल्द बहाली प्रक्रिया शुरू होगी।
- संविदा कर्मियों के लिए अलग कोटा : बहाली में संविदा कर्मियों को मिलने वाले वेटेज और अंकों के लिए अलग कोटा तय करने पर एक हाईलेवल कमेटी विचार करेगी।
- डोमिसाइल नीति पर कानूनी राय : बिहार की भर्तियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता (डोमिसाइल) देने के लिए कानूनी जानकारों से सलाह लेकर रास्ता निकाला जाएगा।
- उम्र सीमा में राहत का प्रस्ताव : भर्ती परीक्षाओं में उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाने की मांग को भी सरकार की विचार कमेटी में शामिल किया गया है।
- परीक्षाओं का फिक्स कैलेंडर : बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) समेत सभी भर्ती आयोगों को तय समय पर परीक्षा कैलेंडर जारी करना होगा और उसका सख्ती से पालन करना होगा।
- ओएमआर और पेपर में पूरी पारदर्शिता : BPSC की तरह दूसरी सभी परीक्षाओं में भी प्रश्न पत्र, ओएमआर शीट और आंसर-की को पारदर्शी बनाने का प्रस्ताव हाईकोर्ट जज की कमेटी को भेजा गया है।
- पेपर लीक मामलों पर EOU का एक्शन : BPSC द्वारा आयोजित AEDO और सेनेटरी जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों की जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पूरी निष्पक्षता से करेगी।
फैसलों के बाद छात्रों ने खत्म किया आंदोलन
छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी। इसके बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर है। उनका कहना है कि छात्रों के हित और उनके उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएंगे। अब छात्रों की नजर इन फैसलों को जमीन पर लागू किए जाने पर रहेगी।
इसे भी पढ़ें : आधी आबादी के सबसे बड़े सारथी बने सीएम सम्राट, वीसी से चपरासी तक सिर्फ बेटियां…



