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Patna : बिहार में नया उद्योग शुरू करने या कारोबार का विस्तार करने की सोच रहे उद्यमियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने उद्योगों से जुड़ी कागजी कार्रवाई और मंजूरियों की प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। उद्योग विभाग ने अपने ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल’ को पूरी तरह नए रंग-रूप में तैयार कर लॉन्च किया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब निवेशकों को अलग-अलग 9 विभागों के दफ्तरों या उनकी वेबसाइटों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कुल 62 जरूरी सरकारी सेवाएं अब घर बैठे इसी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिल जाएंगी।
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने इस नए पोर्टल की शुरुआत की। इस दौरान बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के अध्यक्ष सुरेश रूंगटा, उपाध्यक्ष अरविंद निराला, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, खाद्य प्रसंस्करण निदेशक प्रद्युम्न सिंह यादव और संयुक्त सचिव खंडेकर श्रीकांत कुंडलिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में सीआईआई, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स, डिक्की, इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स और लघु उद्योग भारती जैसे प्रमुख कारोबारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
एक ही जगह मिलेगी मंजूरी की जानकारी और आवेदन की सुविधा
अक्सर उद्यमियों को यह समझने में परेशानी होती है कि फैक्ट्री लगाने के लिए किस विभाग से कौन सी मंजूरी लेनी है। इस समस्या को सुलझाने के लिए पोर्टल पर ‘नो योर अप्रूवल’ यानी अपनी जरूरी मंजूरियों को जानने की विशेष सुविधा दी गई है। इसके जरिए उद्यमी अपने प्रोजेक्ट के चरण के हिसाब से जान सकेंगे कि जमीन लेने से लेकर काम शुरू करने तक उन्हें कौन-कौन से लाइसेंस चाहिए। खास बात यह है कि जानकारी मिलते ही वे उसी स्क्रीन से सीधे आवेदन भी कर सकेंगे। इसके अलावा पुराने कागजात अपलोड करने और फाइल कहां तक पहुंची, यह ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा भी दी गई है।

इन 9 बड़े विभागों की सेवाएं हुईं ऑनलाइन
नए सिस्टम में राज्य के 9 प्रमुख विभागों को सीधे जोड़ दिया गया है। इनमें बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन, विधिक माप विज्ञान, जल संसाधन, अग्निशमन, ऊर्जा यानी बिजली कंपनी, पर्यावरण एवं वन, पथ निर्माण तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग शामिल हैं। इन विभागों से जुड़ी एनओसी, लाइसेंस और अन्य जरूरी स्वीकृतियां अब इसी पोर्टल के माध्यम से मिलेंगी। इससे सरकारी दफ्तरों की भागदौड़ खत्म होगी और समय की बड़ी बचत होगी।
आवेदन से पहले सीधे अधिकारियों से कर सकेंगे बात
नया सिस्टम केवल फॉर्म भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेशकों की शुरुआती मदद के लिए भी तैयार किया गया है। अगर किसी उद्यमी के मन में निवेश को लेकर कोई सवाल है, तो वह औपचारिक तौर पर आवेदन करने से पहले ही पोर्टल के जरिए संबंधित जिले या विभाग के अधिकारियों से संपर्क साध सकता है। यहां अधिकारियों से मिलने का समय तय करने और सीधे बातचीत करने की सुविधा जोड़ी गई है।
उद्योग सचिव कुंदन कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और निवेशकों को एक ही जगह से सब कुछ ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी। वहीं उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता ने कहा कि विभाग का मकसद प्रक्रिया की जटिलताओं को खत्म कर निवेशकों को पूरी तरह सहज डिजिटल अनुभव देना है, ताकि राज्य में कारोबार का माहौल और मजबूत हो सके।
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