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Patna : बिहार में अब पारंपरिक तरीके से हटकर केले की खेती को हाईटेक और मुनाफे का सौदा बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। राज्य सरकार किसानों को कम लागत में बंपर पैदावार दिलाने के लिए टिश्यू कल्चर केले की खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है। कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत टिश्यू कल्चर केला क्षेत्र विस्तार योजना शुरू की है। यह योजना प्रदेश के 34 जिलों में लागू की गई है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि इस तकनीक से तैयार पौधे पूरी तरह रोगमुक्त होते हैं और सामान्य पौधों की तुलना में कहीं ज्यादा फल देते हैं, जिससे किसानों की जेब मजबूत होगी।
दो किस्तों में सीधे बैंक खाते में आएगी मदद
योजना के तहत केले की वैज्ञानिक खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 70 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। सरकार यह रकम दो किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजेगी। पहले साल पौधे लगाने और उनकी देखभाल के लिए 42 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद दूसरे साल जब खेत में पौधे सुरक्षित और स्वस्थ पाए जाएंगे, तब बची हुई 28 हजार रुपये की दूसरी किस्त जारी होगी। छोटे और बड़े दोनों स्तर के किसानों का ध्यान रखते हुए योजना में जमीन का दायरा तय किया गया है। किसान कम से कम 0.25 एकड़ यानी 10 कट्ठा और अधिकतम 5 एकड़ तक के रकबे के लिए इस अनुदान का लाभ उठा सकते हैं।
बटाईदार भी उठा सकेंगे लाभ, जी-9 और मालभोग के मिलेंगे पौधे
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि अपनी जमीन वाले किसानों के साथ-साथ बटाई पर खेती करने वाले गैर-रैयत किसान भी इसका फायदा ले सकेंगे। अपनी जमीन वाले किसान एलपीसी या जमीन की रसीद दिखाकर आवेदन कर सकते हैं, जबकि बटाईदार किसानों को एकरारनामा देना होगा। सरकार किसानों को बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाली किस्में जैसे जी-9, मालभोग और चिनिया के टिश्यू कल्चर पौधे राष्ट्रीय स्तर की रजिस्टर्ड नर्सरियों से मुहैया कराएगी। योजना में हर वर्ग के किसानों की भागीदारी तय की गई है, जिसमें सामान्य वर्ग को 82.67 फीसदी, अनुसूचित जाति को 15.89 फीसदी और अनुसूचित जनजाति को 1.44 फीसदी का कोटा मिलेगा। इसके अलावा सभी वर्गों में 30 फीसदी हिस्सेदारी महिला किसानों के लिए रखी गई है।
इच्छुक किसान कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय के आधिकारिक पोर्टल horticulture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले किसान डीबीटी पोर्टल पर अपने बैंक खाते की जानकारी जरूर जांच लें ताकि सब्सिडी का पैसा मिलने में कोई दिक्कत न आए।
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