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Muzaffarpur : उत्तर बिहार के मरीजों को अब गंभीर बीमारियों और कैंसर के बेहतर इलाज के लिए दिल्ली या मुंबई की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। गुरुवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र में दो बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने होमी भाभा कैंसर अस्पताल में बने अत्याधुनिक आईसीयू कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इसके साथ ही एसकेएमसीएच में 30 बेड के स्पेशल क्रिटिकल केयर यूनिट का भी लोकार्पण किया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने दोनों अस्पतालों का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां भर्ती मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।

घर के पास ही मिलेगा कैंसर का विश्वस्तरीय इलाज
होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में नए आईसीयू कॉम्प्लेक्स के शुरू होने से अब कैंसर के गंभीर मरीजों को तुरंत इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर सपोर्ट मिल सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के डॉक्टरों और अधिकारियों के साथ बैठक कर दवाओं की उपलब्धता और भविष्य की योजनाओं पर बात की। उन्होंने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि उत्तर बिहार के लोगों को कैंसर के आधुनिक इलाज के लिए बाहर न भटकना पड़े। टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई के सहयोग से चल रहे इस केंद्र को राज्य सरकार हर तरह की मदद देगी ताकि स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।

एसकेएमसीएच में गंभीर मरीजों को तुरंत मिलेगी राहत
कैंसर अस्पताल के बाद स्वास्थ्य मंत्री सीधे एसकेएमसीएच पहुंचे, जहां उन्होंने 30 बेड के नए क्रिटिकल केयर यूनिट का फीता काटा। इस यूनिट के चालू होने से सड़क हादसों में घायल या अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ने वाले मरीजों को वेंटिलेटर और जीवन रक्षक सपोर्ट तुरंत मिल पाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के वार्डों का दौरा किया और डॉक्टरों को निर्देश दिए कि इलाज में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। मुजफ्फरपुर के अलावा आसपास के जिलों जैसे सीतामढ़ी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी से आने वाले मरीजों को भी इस नई यूनिट का सीधा फायदा मिलेगा।

उत्तर बिहार का प्रमुख मेडिकल हब बन रहा शहर
परमाणु ऊर्जा विभाग और टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई की इकाई के रूप में काम कर रहे होमी भाभा कैंसर अस्पताल में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल के निदेशक डॉ. कुमार प्रभाष ने बताया कि संस्थान का मुख्य मकसद मरीजों की मुंबई पर निर्भरता खत्म करना है। अस्पताल में पहले से ही सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसी जांच और इलाज की सुविधाएं मौजूद हैं। अब नए आईसीयू के जुड़ जाने से जटिल सर्जरी और गंभीर स्थिति वाले मरीजों की जान बचाना और भी आसान हो जाएगा। बढ़ते मरीजों को देखते हुए आने वाले दिनों में यहां बेड और जांच मशीनों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

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