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Ranchi : दशहरा समिति टाटीसिलवे की ओर से आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्यसभा सांसद, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और यूपी के सह-प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विजयादशमी का पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि बुराई के खात्मे का संदेश है। असत्य कितना भी ताकतवर दिखे, सत्य के आगे वह कभी टिक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में रावण का संहार करने भगवान राम आए थे, लेकिन आज के दौर में जब भी कोई आसुरी शक्ति सिर उठाएगी, तो हमें भगवान के भरोसे हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठना है। समाज के हर व्यक्ति को खुद राम बनना होगा और बुराई का अंत करना होगा।
विदेशों की तरह भारत तमाशा नहीं देखता, खुद सड़क पर उतरता है
यूरोप और दुनिया के मौजूदा हालात का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि कभी जिस यूरोप की चकाचौंध को देखकर लोग हैरान होते थे, आज वही अशांति की आग में झुलस रहा है। वहां की जनता किसी भी संकट या उपद्रव में पुलिस और प्रशासन की ओर ताकती रहती है, लेकिन भारत का मिजाज बिल्कुल अलग है। भारत का आम नागरिक समाज विरोधी ताकतों को देखकर चुप नहीं बैठता, बल्कि प्रशासन के पहुंचने से पहले ही एकजुट होकर मुकाबला करने लगता है। यही ताकत है जिसके चलते कोई भी बुरी नजर भारत को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।
लाल किले से दिए पीएम मोदी के संदेश को समझना जरूरी
डॉ. वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त वाले भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि लाल किले की प्राचीर से पीएम ने जिस ‘दिमागी नक्सल’ शब्द की बात कही थी, वह आज के दौर का आधुनिक रावण है। आजादी के अमृत काल में हमारे सामने चुनौतियां बदल चुकी हैं। अब रावण सीधे युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि विचारों में जहर घोलने वाले चेहरों के रूप में सामने आ रहा है। देश की तरक्की और एकता को तोड़ने की ताक में बैठी ऐसी ताकतों की पहचान कर उन्हें जड़ से खत्म करना होगा। इसके लिए पूरे समाज को सतर्क और मजबूत रहना होगा।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. वर्मा ने आयोजन समिति की तारीफ की और लोगों को विजयादशमी की बधाई देते हुए भारत माता की जय के नारे लगवाए। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष शंकर प्रसाद साहू, पूर्व विधायक रामकुमार पाहन, पूर्व कुलपति रवींद्र नाथ भगत, समिति संरक्षक जैलेंद्र कुमार, डीएसपी अमर कुमार पांडेय, रासेश्वर मिश्रा, ब्रजेश सिंह, दयानंद जी, संजीव सिंह, मुखिया कृष्णा पाहन, नूतन पाहन, जिला परिषद सदस्य अनुराधा मुंडा, माधुरी देवी, कर्नल बी. के. सिंह समेत कई स्थानीय प्रतिनिधि और हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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