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Ranchi : रांची के नामकुम इलाके में पिछले कुछ दिनों से लोगों की नींद उड़ी हुई थी। सुबह दफ्तर गए, बच्चे स्कूल गए और जब शाम को लौटे तो दरवाजे का ताला टूटा मिला। अलमारी खुली, गहने गायब, बचत की नकदी साफ। एक-एक कर तीन घरों में ऐसी ही वारदात हुई और पूरे मोहल्ले में डर बैठ गया। मोहल्लों में बस एक ही चर्चा थी, आखिर ये चोर हैं कौन? अब इस सवाल का जवाब पुलिस ने दे दिया है।
नामकुम थाना क्षेत्र में हुई तीन गृहभेदन और चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक संगठित गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम फिरदोस अली (19) और दिलीप सोनी (37) हैं। दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है और पहले भी चोरी व ज्वेलरी खपाने के मामलों में जेल जा चुके हैं। फिरदोस अली नामकुम थाना क्षेत्र के मौलाना आजाद कॉलोनी का रहने वाला है। वहीं, दिलीप सोनी का घर लालपुर थाना क्षेत्र के लोहरा कोचा में है। इस पूरे मामले का खुलासा रांची के रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर ने किया। उन्होंने बताया कि लगातार हो रही वारदातों को एसएसपी राकेश रंजन ने गंभीरता से लिया और एसआईटी का गठन किया गया।
बंद घरों पर नजर, मौका मिलते ही वार
पुलिस जांच में जो तस्वीर सामने आई, वह चौंकाने वाली है। गिरोह के सदस्य मोहल्लों में घूमकर यह देखते थे कि कौन-सा घर दिन में खाली रहता है। रेकी के बाद मौका मिलते ही ताला तोड़कर अंदर घुस जाते थे। उनका सीधा निशाना होता था गहने और कैश। सबसे बड़ी बात यह कि कई वारदातें दिन के समय हुईं, जब लोग नौकरी या काम से बाहर थे। यानी चोरों को पता था कि दिन में इलाके में निगरानी कम रहती है और शक भी कम होता है।
गहने सीधे दुकान तक, फिर तुरंत गलाया जाता था सोना
जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ। एसपी ने बताया कि चोरी के गहनों को कांटाटोली स्थित “मां ज्वेलर्स” में बेचा जाता था। इल्जाम है कि दुकान मालिक दिलीप सोनी गहनों को सस्ते दाम में खरीदकर तुरंत गला देता था और उसी सोने से नए जेवर बनाकर बाजार में बेच देता था। इस तरीके से चोरी के गहनों की पहचान लगभग खत्म हो जाती थी। यही वजह थी कि कई मामलों में बरामदगी मुश्किल हो जाती थी।
कैसे बनी एसआईटी और कैसे धराये संदेही
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने गंभीरता से लिया। ग्रामीण एसपी की निगरानी में मुख्यालय डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। टीम ने तकनीकी और मानवीय दोनों स्तर पर जांच शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखते हुए दबिश देकर दोनों आरोपियों को दर दबोचा।
गिरोह के और भी सदस्य रडार पर
एसपी के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आ जाएगी।
क्या-क्या मिला पुलिस को
छापेमारी में पुलिस ने बड़ी मात्रा में गहने और सोना बरामद किया है। इनमें करीब 15.40 ग्राम गलाया हुआ सोना पत्तर और स्क्रैप, लगभग 18 ग्राम की बड़ी और छोटी अंगूठियां, मंगलसूत्र का लॉकेट, नथिया, दोलना मिलाकर करीब 23.10 ग्राम, भगवान व अन्य डिजाइन के लॉकेट (करीब 8.5 ग्राम), कान की बाली और टॉप्स (करीब 22 पीस), लगभग 33.5 ग्राम चांदी जैसे आभूषण, एक रजिस्टर, जिसमें मोबाइल नंबर दर्ज हैं और ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन शामिल है।
सूने घर के ताले तोड़ते, चोरी के गहनों को देते ‘नयी शक्ल’, रांची के रुरल एसपी पारस राणा खोल गये पूरा राज… देखें वीडियो pic.twitter.com/2WLursUhRi
— News Samvad (@newssamvaad) February 14, 2026
एसपी की अपील
एसपी प्रवीण पुष्कर ने लोगों से अपील की है कि घर खाली छोड़ते समय पड़ोसियों को जरूर सूचित करें। संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत थाना को जानकारी दें। छोटे-छोटे एहतियात बड़ी वारदात रोक सकते हैं।
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