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Patna : बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र गुरुवार को काफी गरम माहौल में बीता। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विवाद की शुरुआत तब हुई जब विपक्ष को अपने संशोधन प्रस्ताव पर बोलने का मौका नहीं दिया गया। इससे नाराज विपक्षी दलों ने नारेबाजी की और विरोध जताते हुए सदन से बाहर चले गए।
नीतीश कुमार ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभिभाषण पर जवाब देते हुए कहा कि पिछले वर्षों में सड़क और पुलों के निर्माण से बिहार में सफर आसान हुआ है। उनका दावा था कि अब राज्य के किसी भी कोने तक छह घंटे से कम समय में पहुंचा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की सभी नियुक्तियां अब बीपीएससी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से हो रही हैं।
विपक्ष पर तीखी टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि काम का फायदा सबको मिलता है। उन्होंने कहा कि पहले कई लोग उनके फैसलों से सहमत थे, लेकिन बाद में हालात बिगड़े और रास्ते अलग हो गए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सदन में मौजूद नहीं थे, जिस पर सत्ता पक्ष की तरफ से भी टिप्पणी की गई।
संशोधन प्रस्ताव खारिज, धन्यवाद प्रस्ताव पास
हंगामे के बीच विपक्ष के संशोधन प्रस्ताव को ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर दिया गया। हालांकि विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार बहस को एकतरफा तरीके से चला रही है।
वॉकआउट के साथ विपक्ष ने जताया विरोध
सभापति ने कहा था कि विपक्ष के सभी संशोधन प्रस्तावों को एक साथ स्वीकार किया गया है और मुख्यमंत्री के बाद उन्हें बोलने का समय दिया जाएगा। लेकिन विपक्ष इस व्यवस्था से सहमत नहीं हुआ। राबड़ी देवी के नेतृत्व में पूरा विपक्ष सदन से वॉकआउट कर गया और आरोप लगाया कि सरकारी पक्ष संसदीय परंपराओं की अनदेखी कर रहा है।
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