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Chaibasa : चाईबासा के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र की एक साधारण महिला के लिए यह घटना किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। परिवार और समाज की उम्मीदों के बीच वह एक भरोसेमंद जीवनसाथी की तलाश में शादी पोर्टल से जुड़ी थी। उसे लगा था कि शायद यहां उसे कोई समझने वाला साथी मिल जाए। लेकिन उसी विश्वास का फायदा उठाकर एक शातिर साइबर अपराधी ने उसकी दुनिया हिला दी।
पहचान बनी भरोसे का जाल
शादी डॉट कॉम पोर्टल पर मिले एक प्रोफाइल ने खुद को धनबाद कोर्ट का पेशकार बताया। बातों में सलीका, व्यवहार में विनम्रता और सरकारी नौकरी का दावा सुनकर महिला को लगा कि वह सुरक्षित हाथों में है। बातचीत धीरे-धीरे निजी होने लगी और इसी दौरान उसने महिला का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। महिला को क्या पता था कि भरोसे की इस कड़ी का अगला कदम उसकी निजता पर हमला बन जाएगा।
व्हाट्सऐप कॉल पर तैयार हुआ दर्द का वीडियो
एक साधारण व्हाट्सऐप वीडियो कॉल ने उसकी जिंदगी बदल दी। कॉल के दौरान आरोपी ने चालाकी से उसका आपत्तिजनक वीडियो और फोटो तैयार कर लिया। वह घबरा गई, डर गई। उसे लगा कि उसकी एक गलती से वह खुद ही अपने खिलाफ सबूत बनने जा रही है। यही डर उसका सबसे बड़ा हथियार बन गया और आरोपी ने उसी डर का फायदा उठाते हुए उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
डर और शर्म के बीच टूटी हिम्मत
आरोपी ने धमकाकर लगभग दो लाख रुपये वसूल लिए। महिला ने कई दिनों तक यह बात अपने भीतर दबाए रखी। उसे लगा कि अगर उसने आवाज उठाई तो लोग उसे ही दोष देंगे। लेकिन डर और अपराधी की मांगें बढ़ती गईं। आखिर उसने तय किया कि वह चुप नहीं रहेगी। खुद को बचाने के लिए उसे बोलना होगा।
आखिरकार हिम्मत जुटाई और दर्ज कराया मामला
21 नवंबर 2025 को वह जगन्नाथपुर थाना पहुंची। कांपते हाथों से उसने लिखित आवेदन दिया। हर शब्द उसके दर्द का हिस्सा था, लेकिन वह अपने साथ होने वाले अन्य संभावित पीड़ितों को बचाने का भी साहस जुटा रही थी। उसकी शिकायत ने पुलिस को पूरे मामले की गंभीरता का अहसास कराया।
तकनीकी ट्रैकिंग ने खोला ठगी का नेटवर्क
एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ राफेल मुर्मू की अगुवाई में एक विशेष टीम बनी। तकनीकी शाखा में लोकेशन ट्रेस हुई — आरोपी बोकारो जिले के कथारा ओपी क्षेत्र में छिपा हुआ था। छापेमारी टीम मौके पर पहुंची और सौरभ गुप्ता उर्फ नंदन कुमार (25) को गिरफ्तार कर लिया। उसके मोबाइल में सिर्फ एक महिला का नहीं, बल्कि कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो, फोटो, नकली पहचान पत्र और कई क्यूआर कोड मिले। साफ था कि यह कोई अकेली वारदात नहीं, बल्कि एक संगठित साइबर जाल था। एसडीपीओ राफेल मुर्मू ने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की साइबर ठगी या ब्लैकमेल की स्थिति में तुरंत 1930 या 112 पर संपर्क करें।
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