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Muzaffarnagar/Ghaziabad/Faridabad : फर्जी ITC यानी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और उसे आगे पास करने के मामले में ED ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई शुरू की। ईडी की टीमों ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के तीन शहरों में एक साथ नौ ठिकानों पर तलाशी शुरू की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की जा रही है।
ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की है। सुबह-सुबह ईडी की टीमें संबंधित ठिकानों पर पहुंचीं और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी का मकसद फर्जी आईटीसी के पूरे लेनदेन और इससे जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाना है।
बिना माल भेजे बनाए गए फर्जी चालान
जांच में सामने आया है कि संबंधित इकाई पर बिना माल की वास्तविक खरीद-बिक्री और आवाजाही के फर्जी चालान तैयार करने का आरोप है। इन चालानों के आधार पर ई-वे बिल भी बनाए गए। कागजों में माल की आवाजाही दिखाई गई, जबकि हकीकत में माल एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा या नहीं, इसी की जांच अब ईडी कर रही है।
आरोप है कि इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे इनपुट टैक्स क्रेडिट तैयार किया गया। इसके बाद इस क्रेडिट को दूसरी इकाइयों तक पहुंचाया गया। इस तरह बिना वास्तविक कारोबार के टैक्स का फायदा लेने की कोशिश की गई।
इनपुट टैक्स क्रेडिट कारोबारियों को खरीद पर चुकाए गए जीएसटी के बदले मिलने वाला टैक्स लाभ है। लेकिन अगर किसी कारोबार में माल या सेवा की वास्तविक खरीद किए बिना सिर्फ कागजों पर बिल बनाए जाएं और उनके आधार पर ITC का दावा किया जाए, तो इसे फर्जीवाड़ा माना जाता है। ईडी इसी पहलू को लेकर मामले की जांच कर रही है।
दस्तावेजों से खुलेगा पूरा लेनदेन
ईडी की टीमों ने तलाशी के दौरान कंपनी और उससे जुड़े कारोबार के दस्तावेजों, लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड और दूसरे जरूरी कागजात की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की नजर उन दस्तावेजों पर भी है, जिनसे यह पता चल सके कि फर्जी चालान किसके निर्देश पर तैयार किए गए और इनका इस्तेमाल किन कंपनियों या कारोबारियों ने किया।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी आईटीसी का लाभ कितने लोगों या कंपनियों को मिला। इसके अलावा इस पूरे मामले में पैसों का लेनदेन किस तरह हुआ और इससे जुड़े लोगों के बीच क्या कनेक्शन है, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
तलाशी के दौरान मिलने वाले दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जांच में अहम साबित हो सकते हैं। ईडी अधिकारियों के मुताबिक, बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तीन शहरों के नौ ठिकानों पर तलाशी जारी है और जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
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