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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब पुलिस सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतर चुकी है। शुक्रवार को एसपी निधि द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई मासिक अपराध समीक्षा बैठक में जो फैसले लिए गए, वे साफ संकेत देते हैं कि आने वाले दिनों में अपराधियों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। यह बैठक सिर्फ आंकड़ों की समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें जमीनी हकीकत को समझते हुए कई ऐसे फैसले लिए गए, जो सीधे आम लोगों की जिंदगी से जुड़े हैं।
आंकड़ों से आगे बढ़कर काम करने की तैयारी
मार्च महीने में जहां 106 मामले दर्ज हुए, वहीं पुलिस ने 110 मामलों का निष्पादन कर यह दिखाया कि वह सिर्फ केस दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन्हें अंजाम तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। फिर भी जो मामले लंबित हैं, उन्हें तेजी से निपटाने का निर्देश दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि अब फाइलों में दबे केस ज्यादा दिन तक रुके नहीं रहेंगे।

रात की सड़कों पर बढ़ेगी पुलिस की मौजूदगी
चोरी, छिनतई और गृहभेदन जैसी घटनाएं अक्सर रात के अंधेरे में होती हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने गश्ती व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया है। टाइगर मोबाइल और थाना गश्ती टीमों को खास तौर पर रात में सक्रिय रहने को कहा गया है। इससे उन इलाकों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी, जहां लोग रात में खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।
अवैध खनन पर सीधी चोट
पाकुड़ जैसे जिले में अवैध खनन लंबे समय से बड़ी समस्या रही है। इस पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने जिला खनन टास्क फोर्स के साथ मिलकर लगातार छापेमारी का प्लान तैयार किया है। साफ कहा गया है कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सीधे केस दर्ज होगा। यानी अब सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि कड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी।
स्कूल-कॉलेज से शुरू होगी जागरूकता की पहल
अपराध को रोकने के लिए सिर्फ पुलिसिंग ही काफी नहीं होती, यह बात बैठक में साफ नजर आई। बाल विवाह, नशा, साइबर अपराध और महिला अत्याचार जैसे मुद्दों पर हर महीने स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने का फैसला लिया गया है। इससे नई पीढ़ी को शुरुआत से ही सही दिशा देने की कोशिश होगी।
सड़क सुरक्षा पर सख्ती, हर दिन बदलेगा चेकिंग पॉइंट
बढ़ते सड़क हादसों ने पुलिस की चिंता बढ़ाई है। अब रोजाना अलग-अलग जगहों पर वाहन जांच अभियान चलेगा। हेलमेट, सीट बेल्ट, गाड़ी के कागजात और ड्रंकन ड्राइविंग पर खास नजर रहेगी। इससे लापरवाह चालकों पर अंकुश लगेगा और सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी।
पुराने अपराधियों पर भी नजर
पिछले पांच साल के गंभीर मामलों में शामिल अपराधियों का रिकॉर्ड अपडेट कर उन्हें अलग-अलग पंजी में दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। इसका मकसद साफ है, पुराने अपराधी फिर से सक्रिय न हो पाएं और पुलिस की नजर लगातार उन पर बनी रहे।
न्यायालयी प्रक्रिया में नहीं होगी देरी
अक्सर देखा जाता है कि गवाहों के समय पर नहीं पहुंचने या कागजात में देरी के कारण केस लंबे खिंचते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए एसपी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि गवाह और अनुसंधानकर्ता समय पर अदालत में पेश हों और सभी जरूरी दस्तावेज समय से जमा किए जाएं।
थाने में बदलेगा व्यवहार, लोगों को मिलेगी राहत
पुलिस की छवि सुधारने की दिशा में भी कदम उठाया गया है। थाने में आने वाले लोगों के साथ शालीन व्यवहार करने और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनने का निर्देश दिया गया है। इससे आम लोगों का भरोसा पुलिस पर और मजबूत होगा।
तकनीक के साथ कदमताल
बैठक में e-Sakshya ऐप का प्रशिक्षण भी दिया गया। इससे केस से जुड़े साक्ष्यों को डिजिटल तरीके से संभालने में मदद मिलेगी और जांच प्रक्रिया और पारदर्शी होगी।
अच्छा काम करने वालों को मिला सम्मान
बैठक में उन थाना प्रभारियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने वारंट निष्पादन में बेहतर काम किया। यह कदम पुलिस बल के अंदर सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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