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Pakur (Jaydev Kumar) : शनिवार की सुबह पाकुड़ के बैंक कॉलोनी की सड़कें कुछ अलग ही नजर आ रही थीं। यहां न तो किसी राजनीतिक रैली का शोर था और न ही किसी बड़े आयोजन की भीड़। सड़क पर थीं साइकिलें, उनके साथ दौड़ते सपने और उन सपनों को उड़ान देने का हौसला। मौका था विश्व साइकिल दिवस और खेलो इंडिया के तहत आयोजित अस्मिता साइकिलिंग लीग का, जहां बेटियों ने अपनी रफ्तार से सबका ध्यान खींच लिया। जिला साइकिलिंग संघ की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में छोटी-छोटी बच्चियों से लेकर किशोर खिलाड़ियों तक ने हिस्सा लिया। किसी की नजर फिनिश लाइन पर थी तो किसी की नजर मेडल पर। लेकिन सबसे बड़ी बात यह रही कि हर प्रतिभागी के चेहरे पर आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था।

झंडी दिखी और शुरू हो गई रफ्तार की जंग
सुबह जैसे ही अतिथियों ने गुब्बारे उड़ाकर और झंडी दिखाकर प्रतियोगिता की शुरुआत की, वैसे ही साइकिलों के पहिए तेजी से घूमने लगे। सड़क के दोनों ओर खड़े लोग खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा रहे थे। नगर परिषद अध्यक्ष शबरी पाल, जिला खेलकूद पदाधिकारी राहुल कुमार, साइकिलिंग संघ के सचिव रणवीर सिंह, ए.एस. गांगुली, पंकज अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता सोमनाथ पाल और सुजीत कुमार विद्यार्थी ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। प्रतियोगिता शुरू होते ही माहौल रोमांचक हो गया। हर खिलाड़ी आगे निकलने की कोशिश में था और दर्शक हर मोड़ पर तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ा रहे थे।
बेटियों ने दिखा दिया कि वे किसी से कम नहीं
इस आयोजन की सबसे खास बात रही बालिका वर्ग की शानदार भागीदारी। कई प्रतिभागी ऐसी थीं जो पहली बार किसी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही थीं, लेकिन उनके आत्मविश्वास को देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल था। अंडर-14 बालिका वर्ग में कल्याणी सरकार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। अंकित मंडल दूसरे और साक्षी कुमारी पासवान तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं अंडर-17 वर्ग में सुधा कुमारी ने अपनी रफ्तार का दम दिखाया। आशा हांसदा ने दूसरा और लक्ष्मी भगत ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। जब विजेता खिलाड़ियों के नामों की घोषणा हुई तो उनके परिवार और दोस्तों की खुशी देखने लायक थी। कई अभिभावक अपने मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए।
लड़कों के बीच भी हुई कड़ी टक्कर
बालिका वर्ग के साथ-साथ लड़कों की प्रतियोगिता भी काफी रोमांचक रही। अंडर-14 वर्ग में अमन टुडू ने पहला स्थान हासिल किया। अमन तुरी दूसरे और रवि हेंब्रम तीसरे स्थान पर रहे। सामान्य वर्ग की प्रतियोगिता में समीर अंसारी सबसे आगे रहे। बादल कुमार ने दूसरा और नाजमी शेख ने तीसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता के दौरान कई बार ऐसा लगा कि कोई भी खिलाड़ी बाजी मार सकता है। यही वजह रही कि दर्शक अंत तक उत्सुक बने रहे।
छोटे शहरों में भी अब खेलों की नई पहचान
समापन समारोह में नगर परिषद अध्यक्ष शबरी पाल ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों और युवाओं में नई ऊर्जा भरती हैं। उन्होंने कहा कि पहले इस तरह के आयोजन बड़े शहरों तक सीमित रहते थे, लेकिन अब छोटे शहरों और जिलों में भी खिलाड़ियों को मंच मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है। अगर खिलाड़ियों को सुविधाएं और अवसर मिलते रहें तो वे जिले और राज्य का नाम रोशन कर सकते हैं।
सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, एक संदेश भी
जिला साइकिलिंग संघ के सचिव रणवीर सिंह ने बताया कि विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर हर साल अस्मिता साइकिलिंग लीग का आयोजन किया जाता है। इसका मकसद सिर्फ प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि साइकिलिंग के प्रति लोगों को जागरूक करना और युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि साइकिल सिर्फ एक साधन नहीं है, बल्कि फिटनेस, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देती है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी खेलों से जुड़ती है और स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ती है।
मेडल से ज्यादा बड़ी थी मुस्कान
प्रतियोगिता खत्म होने के बाद विजेताओं को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। लेकिन मैदान में मौजूद हर प्रतिभागी अपने साथ एक अनुभव लेकर लौटा। किसी के गले में मेडल था तो किसी के चेहरे पर अगली बार जीतने का संकल्प।
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