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Ranchi : झारखंड सरकार ने सरकारी खजाने से वेतन के नाम पर हो रही गड़बड़ियों को लेकर सख्त कदम उठाया है। राज्य के कई जिलों और अलग-अलग सरकारी दफ्तरों में वेतन मद से अवैध निकासी के मामले सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि कर्मचारी विवरण में छेड़छाड़ कर, फर्जी दस्तावेज लगाकर और राशि को दूसरे खातों में भेजकर गलत तरीके से पैसे निकाले जा रहे थे। इन मामलों के सामने आने के बाद वित्त विभाग ने सभी विभागों और सभी उपायुक्तों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश
मुख्य सचिव अविनाश कुमार की ओर से 28 अप्रैल 2026 को इस संबंध में पत्र जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि यह मामला बेहद गंभीर है और इससे सरकारी वित्तीय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार ने साफ कहा है कि अब वित्तीय कामकाज से जुड़े कर्मचारियों की पोस्टिंग की समीक्षा की जाएगी, ताकि ऐसी गड़बड़ियों पर रोक लगाई जा सके।
3 साल से ज्यादा एक ही जगह रहने वालों का ट्रांसफर तय
सरकार ने निर्देश दिया है कि वरीय लेखा सहायक, लेखा सहायक, लेखा अधीक्षक, लेखापाल और विपत्र लिपिक जैसे कर्मचारी अगर एक ही कार्यालय में 3 साल से ज्यादा समय से पदस्थापित हैं, तो उनका तबादला अनिवार्य रूप से किया जाए। सरकार का मानना है कि लंबे समय तक एक ही जगह रहने से व्यवस्था में ढिलाई और गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए समय-समय पर तबादला जरूरी है।
संविदा कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय काम से दूर रखने का निर्देश
वित्त विभाग ने एक और अहम निर्देश दिया है। संविदा या एकमुश्त मानदेय पर काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों से दूर रखने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि वेतन भुगतान और कोषागार से जुड़े काम काफी संवेदनशील होते हैं। ऐसे में इन कार्यों में केवल जिम्मेदार और नियमित व्यवस्था के तहत काम होना चाहिए।

30 मई तक मांगी गई पूरी रिपोर्ट
सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और सभी उपायुक्तों को कहा गया है कि इस आदेश पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी विस्तृत रिपोर्ट 30 मई 2026 तक वित्त विभाग को भेजी जाए। सरकार चाहती है कि सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी इस आदेश का सख्ती से पालन हो।
कई विभागों में बढ़ी हलचल
इस आदेश के बाद कई सरकारी दफ्तरों में हलचल तेज हो गई है। वर्षों से एक ही सीट पर बैठे कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही बड़े पैमाने पर तबादले हो सकते हैं। सरकार के इस फैसले को भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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