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Gumla : सुप्रीमो दिनेश गोप के धराने और सलाखों के पीछे जाने के बाद से ही प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI का पूरा ढांचा ताश के पत्तों की तरह बिखर रहा था। अपनी खोई जमीन तलाशने और संगठन में जान फूंकने के लिए छटपटा रहे PLFI को अब गुमला पुलिस ने सबसे तगड़ा झटका दिया है। संगठन के बचे-खुचे लड़ाके एक बार फिर जंगलों से निकलकर लेवी और दहशत का पुराना खेल शुरू करने की फिराक में थे, लेकिन गुमला पुलिस कप्तान हारिस बिन जमां की अगुवाई में पुलिस ने उनके मंसूबों को तार-तार कर दिया। कामडारा के बोंगदा गांव में जाल बिछाकर पुलिस ने PLFI के खूंखार जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी उर्फ मोटा उर्फ सुकरा समेत चार उग्रवादियों को हथियारों के साथ धर दबोचा।
बोंगदा के जंगलों में रची जा रही थी बड़ी साजिश, एसपी को मिली सटीक सूचना
दिनेश गोप के जेल जाने के बाद विश्राम कोंगाड़ी इलाके में PLFI का नया चेहरा बनकर अपनी धमक जमाने की कोशिश में जुटा था। 22 अक्टूबर को गुमला के एसपी हारिस बिन जमां को एक बेहद पुख्ता खुफिया इनपुट मिला कि विश्राम कोंगाड़ी अपने हथियारबंद दस्ते के साथ कामडारा थाना क्षेत्र के ग्राम बोंगदा के आसपास मंडरा रहा है। सूचना थी कि दहशत फैलाने और किसी बड़े ठेकेदार या कारोबारी को निशाना बनाने के मकसद से यह गिरोह किसी बड़ी खूनी वारदात की साजिश रच रहा है।
मामले की गंभीरता भांपते हुए एसपी हारिस बिन जमां ने बिना वक्त गंवाए खुद मोर्चा संभाला। उनके सीधे निर्देश पर बसिया के एसडीपीओ शिव शंकर मरांडी की अगुवाई में एक स्पेशल स्ट्राइक टीम मैदान में उतारी गई। इस विशेष टीम में बसिया थानेदार कृष्णा कुमार, कामडारा थानेदार आशीष केशरी, कुरकुरा थाना के युधिष्ठिर कुमार प्रजापति, बसिया के सलिल कुमार के अलावा तीनों थानों के सशस्त्र जवान और गुमला की अचूक नक्सल क्यूआरटी शामिल की गई।
घेराबंदी देख उड़े उग्रवादियों के होश, हथियारों के साथ धरे गए चार
एसपी के प्लान के मुताबिक पुलिस टीम ने रात के अंधेरे में बोंगदा गांव को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को पुलिस के मजबूत शिकंजे में फंसा देख विश्राम कोंगाड़ी और उसके गुर्गों ने भागने की पूरी कोशिश की, मगर मुस्तैद जवानों ने उन्हें चारों ओर से दबोच लिया। मौके से PLFI के जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी (खूंटी) के अलावा उसके तीन खास साथी अमर सुरीन (कामडारा), एतवा कोंगाड़ी उर्फ एतवा मास्टर (कामडारा) और चाईबासा के बंदगांव निवासी अर्पित तोपनो उर्फ बेंदा को गिरफ्तार किया गया।
जब पुलिस ने मौके पर तलाशी ली तो उग्रवादियों के पास से एक देशी पिस्टल, पिस्टल की दो भरी मैगजीन, एक देशी बंदूक, एक देशी कट्टा, अलग-अलग बोर की सात जिंदा गोलियां, एक खोखा, चार मोबाइल और PLFI संगठन के छह धमकी भरे पर्चे बरामद किए गए। बरामद सामान से साफ जाहिर था कि गिरोह इलाके में दहशत फैलाने की अंतिम तैयारी पूरी कर चुका था।
PLFI को गुमला पुलिस की तीखी चोट। जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी उर्फ मोटा समेत 4 उग्रवादी गिरफ्तार। हथियार व पर्चे बरामद। एसपी हारिस बिन जमां क्या बोले… देखें
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— News Samvad (@newssamvaad) October 23, 2026
दिनेश गोप के बाद विश्राम था बड़ा मोहरा, कई जिलों में फैला था आतंक का जाल
विश्राम कोंगाड़ी का गुमला, सिमडेगा, खूंटी और चाईबासा में लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। दिनेश गोप के जेल जाने के बाद यही दस्ता लेवी वसूलने, विकास योजनाओं के काम रुकवाने और ठेकेदारों को जान से मारने की धमकियां देकर संगठन के बचे वजूद को बचाने में जुटा था। इस गिरफ्तारी से PLFI का बचा-खुचा नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। एसपी हारिस बिन जमां ने साफ लफ्जों में चेताया है कि गुमला की धरती पर उग्रवाद और गुंडागर्दी के लिए कोई जगह नहीं है। आम नागरिकों की सुरक्षा, विकास योजनाओं की बेरोकटोक प्रगति और लेवी के नाम पर वसूली करने वाले हर गिरोह के समूल खात्मे तक पुलिस का यह कड़ा अभियान इसी रफ्तार से जारी रहेगा।
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