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News Samvad : तेहरान और वियना से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। युद्ध जैसे हालात के बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर उसके परमाणु ठिकाने पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया है और वियना में आपात बैठक शुरू हो चुकी है।
नतान्ज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमले का दावा
IAEA में ईरान के राजदूत रेजा नजाफी ने आरोप लगाया कि रविवार को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान की नतान्ज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया। यह परमाणु केंद्र नतान्ज न्यूक्लियर फैसिलिटी ईरान के अहम परमाणु ठिकानों में गिना जाता है। नजाफी ने कहा कि नौ महीने से भी कम समय में यह दूसरा हमला है। उनके मुताबिक यह हमला गैरकानूनी और क्रूर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक हमले में एक प्राथमिक स्कूल पूरी तरह तबाह हो गया, जिसमें कम से कम 165 लड़कियों की मौत हुई।
अमेरिका पर झूठ और धोखे का आरोप
रेजा नजाफी ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान पर परमाणु हथियार बनाने का आरोप पूरी तरह झूठ है। उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु गतिविधियां शांतिपूर्ण हैं और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत चल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका की विदेश नीति में गलत जानकारी और धोखे का इस्तेमाल पहले भी किया गया है। उनका कहना था कि जब अमेरिका शांति और कूटनीति की बात करता है तो वह सिर्फ दिखावा होता है।
IAEA की इमरजेंसी बैठक शुरू
इस बीच वियना में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की आपात बैठक शुरू हो गई है। यह बैठक रूस के अनुरोध पर बुलाई गई है। यह मीटिंग पहले से तय तिमाही बैठक से ठीक पहले शुरू हुई, जिसमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम पहले से एजेंडे में शामिल था।
हमले के संकेत नहीं, लेकिन चिंता बरकरार
IAEA के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है कि ईरानी परमाणु ठिकानों को सीधा नुकसान पहुंचा हो। ईरान की सीमा से लगे देशों में रेडिएशन का स्तर सामान्य पृष्ठभूमि स्तर से ऊपर नहीं गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हालात चिंताजनक हैं और संभावित रेडियोलॉजिकल रिसाव से इनकार नहीं किया जा सकता। अगर ऐसा होता है तो बड़े इलाकों को खाली कराना पड़ सकता है। ग्रॉसी ने बताया कि ईरानी परमाणु नियामक अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी जवाब नहीं मिला है।
संयम बरतने की अपील
IAEA प्रमुख ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि अब समय है कि सभी देश कूटनीति और बातचीत की राह पर लौटें। फिलहाल दुनिया की नजर वियना में चल रही बैठक और ईरान से आने वाली अगली आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी है। अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
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