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Ranchi : JPSC यानी झारखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राजभवन जाकर राज्यपाल को सौंप दिया। लेकिन इस अचानक दिए गए इस्तीफे की असली वजह क्या है? इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राज्य सरकार ने भी इस पूरे मामले पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आई कि इस्तीफा देने से ठीक एक शाम पहले CID की एक टीम ख्यांगते के आवास पर पहुंची थी। हालांकि, सीआईडी की इस कार्रवाई का उनके इस्तीफे से कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि किसी अधिकारी ने नहीं की है। लेकिन इस कार्रवाई के तुरंत बाद आए इस्तीफे ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
फरवरी में संभाली थी कमान, पेंडिंग रिजल्ट्स को दी थी रफ्तार
एल ख्यांगते 1988 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं। वह झारखंड के मुख्य सचिव जैसे सबसे बड़े प्रशासनिक पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। राज्य सरकार ने इसी साल फरवरी 2025 में उन्हें JPSC के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी थी। कमान संभालते ही उन्होंने लंबे समय से अटकी पड़ी भर्ती प्रक्रियाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं को पटरी पर लाने की कोशिश की थी। उनके कार्यकाल में कई रुकी हुई परीक्षाओं के आयोजन और रिजल्ट जारी करने की दिशा में तेजी से काम शुरू हुआ था।
लाखों अभ्यर्थियों की बढ़ी चिंता, नये अध्यक्ष का इंतजार
ख्यांगते के अचानक पद छोड़ने के बाद JPSC में एक बार फिर नेतृत्व को लेकर असमंजस का माहौल बन गया है। इस समय आयोग की कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं और इंटरव्यू की प्रक्रियाएं चल रही हैं। ऐसे में लाखों छात्रों के मन में यही सवाल कौंध रहा है कि क्या अब परीक्षाएं फिर से लटक जाएंगी? अब सब कुछ राज्य सरकार के रुख पर निर्भर करता है। सरकार को बिना देर किए जल्द से जल्द नए अध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी, ताकि आयोग का काम न रुके और अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में न लटके। फिलहाल पूरी राज्य की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार अगला कदम क्या उठाती है।
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