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Ranchi : JPSC-JSSC विवाद को लेकर पिछले तीन दिनों से सरकार और छात्रों के बीच चल रही बातचीत आखिरकार किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। वार्ता टूटने के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की लगभग सभी जायज मांगों को मानने की दिशा में कदम उठाया है। जांच से लेकर परीक्षा रद्द करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार तक कई मुद्दों पर सरकार ने सहमति जताई है। इसके बावजूद छात्रों की ओर से CGL रद्द करने और CBI जांच की मांग पर अड़े रहने से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
मंत्री ने छात्रों और उनके अभिभावकों से आंदोलन का रास्ता छोड़कर फिर से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद से ही समाधान निकलता है। जब सरकार छात्रों की बात सुन रही है और उनके प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत कर रही है, तो आंदोलन की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
तीन मुद्दों पर हुई बातचीत, जांच से लेकर रिफॉर्म तक चर्चा
मंत्री ने बताया कि पिछले तीन दिनों की बातचीत में मुख्य रूप से तीन मुद्दे सामने थे। पहला था गड़बड़ियों की जांच, दूसरा विवादित परीक्षाओं को रद्द करना और तीसरा JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीनों मुद्दों पर छात्रों की बात को गंभीरता से सुना और अपनी ओर से कई फैसलों पर सहमति दी है।
JPSC में गड़बड़ी की जांच CID करेगी, ED से भी सहयोग मांगेगी सरकार
मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि JPSC में गड़बड़ी के संकेत मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। कई जगह छापेमारी की गई। डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जब्त किए गए। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेजा गया। उन्होंने कहा कि JPSC अध्यक्ष और सदस्यों के इस्तीफे भी हो चुके हैं। मामला लगातार बड़ा होता गया तो सरकार ने तय किया कि इसकी विस्तृत जांच CID करेगी।
मंत्री ने कहा कि आर्थिक लेनदेन या वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े पहलू सामने आने पर ED की भूमिका भी हो सकती है। सरकार ED को इस मामले की जांच में शामिल होने के लिए आग्रह पत्र भेजेगी। उन्होंने साफ कहा कि सरकार की मंशा किसी दोषी को बचाने की नहीं है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
14वीं JPSC समेत कई परीक्षाएं रद्द करने पर सरकार सहमत
परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर मंत्री ने कहा कि छात्रों की ओर से 14वीं JPSC सहित बैकलॉग की कुछ परीक्षाओं को रद्द करने की मांग रखी गई थी। सरकार इन परीक्षाओं को रद्द करने के मुद्दे पर सहमत है। इसके अलावा जिन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर संबंधित संस्था पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी भी विस्तृत जांच कराई जाएगी। जांच में अगर व्यापक गड़बड़ी सामने आती है तो उसके आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।
CGL रद्द करने पर सरकार ने कहा- मामला अदालत की निगरानी में
छात्रों की ओर से JSSC CGL को रद्द करने की मांग भी रखी गई। इस पर मंत्री ने कहा कि CGL का मामला अलग है। इसकी परीक्षा प्रक्रिया और परिणाम अदालत की निगरानी से जुड़े रहे हैं। सरकार का कहना है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई प्रक्रिया को राज्य सरकार अपने स्तर से रद्द नहीं कर सकती। मंत्री ने कहा कि अगर अदालत की ओर से कोई स्पष्ट निर्देश आता है तो सरकार उसका पालन करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अदालत के आदेश से बाहर जाकर कोई फैसला नहीं ले सकती।
रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग कमेटी का प्रस्ताव
मंत्री ने कहा कि छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार ने CGL से जुड़ी जांच की निगरानी का रास्ता भी सुझाया है। सरकार रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग कमेटी बनाने को तैयार है। यह कमेटी जांच की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेगी। सरकार का मानना है कि इससे जांच को लेकर छात्रों के बीच भरोसा बढ़ेगा और प्रक्रिया पर सवाल उठने की गुंजाइश कम होगी।
IIT, IIM और XLRI के विशेषज्ञों से सुधरेगी परीक्षा व्यवस्था
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के मुद्दे पर सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया है। मंत्री ने कहा कि JSSC की पूरी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा। इसके लिए IIT, IIM रांची और XLRI जमशेदपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद लेने की तैयारी है। इन संस्थानों की विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर ऐसी SOP तैयार की जाएगी, जिससे भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष हो।
मंत्री ने कहा कि छात्रों को भी इस सुधार प्रक्रिया में स्टेकहोल्डर के रूप में शामिल किया जाएगा। उनकी शिकायतों और सुझावों को भी SOP तैयार करते समय ध्यान में रखा जाएगा।
आज से पोर्टल पर पूरे झारखंड के छात्र दे सकेंगे सुझाव
मंत्री ने बताया कि सरकार ने छात्रों से सुझाव लेने के लिए ई-मेल आईडी जारी की है। अब एक पोर्टल भी शुरू किया जा रहा है। इसमें सिर्फ रांची या किसी एक जिले के छात्र ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के छात्र अपनी समस्याएं और सुझाव दर्ज कर सकेंगे। सरकार इन सुझावों को एक साथ लेकर नई SOP तैयार करेगी। इसका मकसद परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और शुचिता लाना है, ताकि भविष्य में परीक्षा को लेकर किसी तरह का विवाद खड़ा न हो।
मंत्री बोले- जब सरकार सुन रही है तो आंदोलन की जरूरत क्यों?
मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे बड़ा रास्ता है। आंदोलन तब किया जाता है जब आपकी बात सरकार तक नहीं पहुंच रही हो या सरकार सुनने को तैयार नहीं हो। यहां सरकार छात्रों से लगातार बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा, “सरकार आपकी बात सुन रही है। आपकी जायज मांगों पर सहमति दे रही है। ऐसे में आंदोलन के रास्ते पर जाना उचित नहीं है।” उन्होंने छात्रों से आंदोलन स्थगित कर बातचीत और समाधान की प्रक्रिया में लौटने की अपील की।
छात्रों के अभिभावकों से भी की अपील
मंत्री ने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्र सरकार के लिए अपने बच्चों की तरह हैं। उन्होंने छात्रों के अभिभावकों से भी अपील की कि वे पूरे मामले को गंभीरता से समझें और बच्चों को आंदोलन की जगह बातचीत के रास्ते पर लौटने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की लगभग सभी जायज मांगों को स्वीकार किया है और जहां सरकार के अधिकार क्षेत्र में फैसला लेना संभव नहीं है, वहां अदालत के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है।
CBI जांच की मांग पर नहीं बनी सहमति
वार्ता के दौरान छात्रों की एक प्रमुख मांग CBI जांच की भी थी। मंत्री ने कहा कि सरकार ने अपनी तरफ से जांच की जिम्मेदारी CID को दी है और फास्ट ट्रैक तरीके से जांच पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि CID को करीब 90 दिनों के भीतर जांच को परिणाम तक पहुंचाने की दिशा में काम करने को कहा गया है। वहीं, आर्थिक पहलुओं की जांच के लिए ED से सहयोग मांगा जाएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि छात्रों की ओर से केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार का मानना है कि यदि अदालत की ओर से किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने का निर्देश आता है तो सरकार उसका पालन करेगी।
‘गलतियां हुई हैं तो दोषियों को भुगतना होगा खामियाजा’
मंत्री ने कहा कि सरकार इस बात से इनकार नहीं कर रही कि परीक्षा व्यवस्था में गलतियां हुई हैं। जो भी गड़बड़ी हुई है, उसकी जांच होगी और दोषियों को सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। आने वाले दिनों में सरकार ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना चाहती है, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता बनी रहे और छात्रों को दोबारा इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंत्री ने अंत में फिर छात्रों से अपील की कि वे आंदोलन का रास्ता छोड़ें, बातचीत पर लौटें और सरकार के साथ मिलकर परीक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा बनें।
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