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Ranchi : JSSC और JPSC परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच CID के ADG मनोज कौशिक ने अभ्यर्थियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान किसी तरह की हिंसा या कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़नी चाहिए। सोमवार को प्रस्तावित बंद को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। ADG मनोज कौशिक ने कहा कि बंद को लेकर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किये गये हैं। जरूरी स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने छात्रों और उनके संगठनों से अपील की कि अगर आंदोलन करना है तो शांतिपूर्ण तरीके से करें। किसी ऐसी घटना से बचें, जिससे आम लोगों को परेशानी हो या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो।
सरकार के आदेश के बाद तेजी से हुई कार्रवाई, 19 गिरफ्तार
CID ADG ने कहा कि सरकार की ओर से जांच का आदेश मिलने के बाद कार्रवाई में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान कई डिजिटल साक्ष्य भी सामने आए हैं। कुछ डिजिटल एजेंसियों और उनसे जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच अभी चल रही है, इसलिए सभी साक्ष्यों और आरोपियों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। जांच के दौरान कई ऐसी बातें सामने आ रही हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक हर जानकारी सार्वजनिक करने से जांच प्रभावित हो सकती है। ADG मनोज कौशिक ने कहा कि छात्रों को यह भरोसा रखना चाहिए कि सरकार के आदेश के बाद CID ने मामले को गंभीरता से लिया है और कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
छात्रों के पास कोई जानकारी है तो सीधे CID को दें
ADG ने आंदोलन कर रहे छात्रों से यह भी कहा कि अगर उनके पास किसी अभ्यर्थी, व्यक्ति या संस्था की भूमिका से जुड़ी कोई जानकारी है, तो उसे CID के साथ साझा करें। उन्होंने बताया कि CID की ओर से मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जारी की गई है, ताकि छात्र और अन्य लोग अपनी जानकारी सीधे जांच एजेंसी तक पहुंचा सकें।
उन्होंने कहा कि अगर किसी छात्र को लगता है कि किसी खास व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध है, किसी घटना की जानकारी जांच में शामिल नहीं हुई है या उसके पास कोई दस्तावेज, संदेश, डिजिटल रिकॉर्ड या दूसरी जानकारी है, तो वह CID को उपलब्ध करा सकता है। जांच एजेंसी उस जानकारी की पड़ताल करेगी।
ADG मनोज कौशिक ने छात्रों से कहा कि वे अपनी बात सीधे जांच एजेंसी तक पहुंचाएं। अगर किसी बिंदु पर उन्हें लगता है कि जांच में कुछ छूट गया है, तो वे लिखित शिकायत कर सकते हैं, ईमेल भेज सकते हैं या मोबाइल नंबर पर जानकारी दे सकते हैं। जरूरत पड़ने पर CID अधिकारियों से मिलकर भी अपनी बात रखी जा सकती है।
हाईकोर्ट के आदेश के तहत हुई जांच, जरूरत पड़ी तो बताई जाएगी समय बढ़ने की वजह
जांच की समयसीमा को लेकर पूछे गए सवाल पर ADG ने कहा कि यह जांच हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर शुरू हुई थी। अदालत की ओर से जो समयसीमा दी गई थी, उसमें जांच में काफी प्रगति हुई है। हालांकि कुछ बिंदुओं पर अगर अभी भी जांच बाकी है तो उसके कारण अदालत को बताए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जांच को बंद करना या आगे बढ़ाना उपलब्ध साक्ष्यों और जांच की स्थिति पर निर्भर करता है। अगर किसी मामले में कोई महत्वपूर्ण पहलू सामने आता है और उसकी जांच जरूरी लगती है, तो CID उस पर काम करेगी। जांच में किसी बिंदु पर अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ती है तो इसकी वजह भी अदालत के सामने रखी जाएगी।
JSSC और JPSC से जुड़े मामलों को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की पूरी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। अब CID की ओर से 19 गिरफ्तारियों और आगे भी जांच जारी रहने की बात सामने आने के बाद छात्रों की नजर जांच की अगली कार्रवाई पर है।
ADG मनोज कौशिक ने एक बार फिर छात्रों से अपील की कि वे अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करें और शांति बनाए रखें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
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