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Home » एक पेपर लीक हुआ तो भी माफिया नहीं पास करा पाएगा परीक्षा, JSSC चेयरमैन बता गये नया फॉर्मूला
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एक पेपर लीक हुआ तो भी माफिया नहीं पास करा पाएगा परीक्षा, JSSC चेयरमैन बता गये नया फॉर्मूला

August 9, 2026No Comments6 Mins Read
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Ranchi : JSSC यानी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए अब परीक्षा का तरीका ही बदलने की तैयारी है। JSSC चेयरमैन प्रशांत कुमार ने बताया कि 50 हजार से अधिक अभ्यर्थी होने पर परीक्षा को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के दो चरणों में कराया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में बड़ी संख्या होने पर अभ्यर्थियों को तीन अलग-अलग शिफ्ट में बैठाया जाएगा और हर शिफ्ट के लिए अलग प्रश्नपत्र होगा। कौन-सा प्रश्नपत्र किस शिफ्ट में जाएगा, यह परीक्षा के दिन सुबह करीब 5 बजे तय किया जाएगा।

चेयरमैन के मुताबिक, इस व्यवस्था का सबसे बड़ा मकसद पेपर लीक करने वाले गिरोह की राह मुश्किल करना है। अगर किसी माफिया को पेपर लीक करना होगा तो उसे तीनों प्रश्नपत्रों तक पहुंच बनानी पड़ेगी। ऐसे में सिर्फ एक पेपर लीक कराकर परीक्षा में फायदा उठाना आसान नहीं होगा।

एक परीक्षा से सीधे मेरिट में पहुंचने का रास्ता होगा बंद

प्रशांत कुमार ने कहा कि पहले कई परीक्षाएं एक ही चरण में होती थीं। एक परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट में पहुंच जाते थे। इस व्यवस्था में परीक्षा माफिया के लिए सेंध लगाने का बड़ा मौका रहता था। अब आयोग परीक्षा को कई स्तरों में बांटकर इस जोखिम को कम करने की तैयारी कर रहा है। 50 हजार से अधिक अभ्यर्थी होने पर प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा कराई जाएगी। इससे किसी एक परीक्षा में गड़बड़ी होने पर पूरी भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होने की संभावना कम होगी।

3 लाख अभ्यर्थी हुए तो एक-एक लाख की अलग-अलग शिफ्ट

चेयरमैन ने परीक्षा की नई रणनीति का उदाहरण देते हुए कहा कि मान लीजिए किसी परीक्षा में तीन लाख अभ्यर्थी हैं। ऐसी स्थिति में करीब एक-एक लाख अभ्यर्थियों को तीन अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा दिलाई जा सकती है। तीनों शिफ्ट के प्रश्नपत्र अलग होंगे और उन्हें अलग-अलग रैंडम कलर कोड दिया जाएगा। परीक्षा के दिन सुबह करीब पांच बजे तय किया जाएगा कि कौन-सा प्रश्नपत्र किस शिफ्ट में जाएगा। इसका मकसद यह है कि किसी गिरोह को पहले से यह पता न हो कि किस शिफ्ट में कौन-सा प्रश्नपत्र आएगा।

मुख्य परीक्षा कंप्यूटर पर, 15 गुना अभ्यर्थी होंगे चयनित

JSSC चेयरमैन ने बताया कि मुख्य परीक्षा के लिए पदों की संख्या के करीब 15 गुना अभ्यर्थियों को बुलाने का प्रावधान रखा जा रहा है। उदाहरण के तौर पर अगर 1000 पद हैं तो करीब 15 हजार अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। 2000 पद होने पर यह संख्या करीब 30 हजार तक हो सकती है। मुख्य परीक्षा को CBT यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा के माध्यम से कराने की तैयारी है। इसके लिए भरोसेमंद कंप्यूटर सेंटरों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ कंप्यूटर सेंटरों को पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। ऐसे केंद्रों को परीक्षा प्रक्रिया से दूर रखा जाएगा।

दलालों का खेल खत्म करने के लिए रिजल्ट में भी बदलाव

परीक्षा सुधार के साथ रिजल्ट को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। प्रशांत कुमार ने बताया कि पहले अभ्यर्थी अपने लॉगिन में केवल अपना स्कोर कार्ड देख पाते थे। इससे कई बार दलाल और बिचौलिए अभ्यर्थियों को यह कहकर गुमराह करते थे कि वे पैसे लेकर उनका चयन करा सकते हैं। अब आयोग ने पूरी CML यानी Combined Merit List अभ्यर्थियों के लॉगिन में उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की है। इसमें यह पता चलेगा कि कितने अभ्यर्थी सफल हुए और मेरिट में संबंधित अभ्यर्थी की स्थिति क्या है। इससे अभ्यर्थी खुद समझ सकेगा कि वह मेरिट में कहां खड़ा है। आयोग को उम्मीद है कि इससे बिचौलियों के झांसे में आने वाले अभ्यर्थियों की संख्या कम होगी।

शिकायत के लिए बनेगा स्टूडेंट फैसिलिटेशन सेंटर

JSSC कार्यालय में अपनी समस्याएं लेकर आने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी आयोग व्यवस्था बदलने जा रहा है। चेयरमैन ने कहा कि अभी कई बार बच्चे धूप और बारिश में बाहर खड़े रहते हैं। अब स्टूडेंट फैसिलिटेशन सेंटर बनाने की तैयारी है। यहां अभ्यर्थियों के बैठने और पीने के पानी की व्यवस्था होगी। साथ ही वे अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। आयोग की कोशिश होगी कि शिकायत मिलने के एक सप्ताह के भीतर उसका जवाब दिया जाए।

परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना सीधे CID को दें

JSSC चेयरमैन ने परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी रखने वाले अभ्यर्थियों से सीधे जांच एजेंसी तक सूचना पहुंचाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि CID की ओर से मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी उपलब्ध कराई गई है। किसी उम्मीदवार की भूमिका, परीक्षा में गड़बड़ी या किसी संदिग्ध गतिविधि से जुड़ी कोई जानकारी हो तो उसे आयोग या CID तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बहस करने के बजाय अभ्यर्थी सीधे लिखित शिकायत या ई-मेल के जरिए जानकारी दें। अगर जांच में कोई ठोस सबूत मिलता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

JSSC से जुड़े मामलों की जांच अभी जारी

प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच बंद नहीं हुई है। कुछ मामलों में SIT का गठन किया गया है और जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और आयोग का मकसद जांच को किसी तरह जल्द खत्म करना नहीं, बल्कि पूरे मामले की तह तक जाना है। अगर जांच में कोई नया तथ्य या सबूत सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नई कमेटी बताएगी, परीक्षा को और कैसे सुरक्षित बनाएं

JSSC चेयरमैन ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था में और सुधार के लिए विशेषज्ञों की एक नई कमेटी बनाने की तैयारी है। कमेटी परीक्षा में नई तकनीक और सुरक्षा के उपायों को लेकर सुझाव देगी। आयोग का फोकस अब सिर्फ परीक्षा कराने पर नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया को इस तरह सुरक्षित बनाने पर है कि परीक्षा माफिया के लिए सेंध लगाना मुश्किल हो जाए।

प्रशांत कुमार ने कहा कि नई तकनीक, अलग-अलग चरणों में परीक्षा, CBT सिस्टम, पूरी मेरिट लिस्ट और अभ्यर्थियों के लिए फैसिलिटेशन सेंटर जैसे कदमों का उद्देश्य एक ही है। मेहनत करने वाले और योग्य अभ्यर्थी को उसका हक मिले और पैसे या पहुंच के दम पर परीक्षा पास कराने का दावा करने वालों का खेल खत्म हो।

इसे भी पढ़ें : JSSC विवाद पर मंत्री सुदिव्य बोले- सरकार मान रही जायज मांगें, अब आंदोलन छोड़िए

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