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Latehar : लातेहार के बालूमाथ और बारियातू इलाके में ठेकेदारों से लेवी वसूलने और दहशत फैलाने की तैयारी कर रहे दो युवकों को पुलिस ने हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों युवक बीती रात बिना नंबर की लाल रंग की अपाची बाइक से इलाके में घूम रहे थे। पुलिस ने मकईयाटांड़ पिकेट के पास वाहन जांच के दौरान दोनों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लोहरदगा जिले के पेशरार थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव निवासी संजय सिंह उर्फ डिम्पू उर्फ भीम सिंह और कुडू थाना क्षेत्र के सिन्जो गांव निवासी शहजाद अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस ने शहजाद के पास से लोडेड देशी पिस्तौल बरामद की है। वहीं संजय के पास से जिंदा गोली मिली है। दोनों के पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
एसपी को मिली थी सूचना, पिकेट के पास शुरू की गई थी जांच
पुलिस के अनुसार, बुधवार की शाम लातेहार एसपी कुमार गौरव को सूचना मिली थी कि चंदवा की तरफ से लाल रंग की बिना नंबर वाली अपाची बाइक पर दो संदिग्ध युवक बालूमाथ और बारियातू की ओर जा रहे हैं। सूचना में यह भी बताया गया था कि दोनों किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में हो सकते हैं। इसके बाद एसपी के निर्देश पर छापामारी दल बनाया गया। पुलिस टीम ने मकईयाटांड़ पिकेट के सामने बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की जांच शुरू कर दी।
पुलिस को देखते ही बाइक घुमाकर भागने लगे
रात करीब 8:48 बजे चंदवा की ओर से लाल रंग की अपाची बाइक आती दिखाई दी। बाइक पर दो युवक सवार थे। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही चालक ने बाइक घुमाकर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बाइक को रोक लिया और दोनों युवकों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान शहजाद अंसारी के पास से लोडेड देशी पिस्तौल और मोबाइल फोन मिला। संजय सिंह के पास से मोबाइल फोन और जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
इंजन और चेचिस नंबर घिसा हुआ था
पुलिस ने जिस अपाची बाइक को जब्त किया है, वह बिना नंबर की थी। जांच में बाइक का इंजन और चेचिस नंबर घिसा हुआ मिला। पुलिस के अनुसार, यह चोरी की बाइक है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाइक कहां से चोरी की गई थी और इसे आरोपियों तक किसने पहुंचाया।
पूछताछ में PLFI कमांडर का नाम बताया
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI के कमांडर बादल उर्फ पवन के कहने पर बालूमाथ और बारियातू इलाके में आए थे। पुलिस का कहना है कि दोनों का मकसद इलाके में चल रहे विकास कार्यों में लगे ठेकेदारों से लेवी वसूलना और लोगों में डर पैदा करना था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लेवी वसूली के इस मामले में इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
शहजाद पर हत्या और लूट समेत कई मामले
पुलिस के मुताबिक, शहजाद अंसारी का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रांची के चान्हो थाना में वर्ष 2004 के दो मामले दर्ज हैं। हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में हत्या और साजिश से जुड़ी धाराएं लगी थीं। रातू थाना में भी उसके खिलाफ हत्या, साजिश और आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है। इसके अलावा सिमडेगा थाना में मामला दर्ज है। दशम टीओपी में दर्ज मामले में लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई थीं। वहीं संजय सिंह के खिलाफ लोहरदगा थाना में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
छापामारी दल में बालूमाथ के एसडीपीओ उमेश प्रसाद सिंह, बालूमाथ थानेदार अमरेन्द्र कुमार, बारियातू थानेदार रंजन कुमार पासवान, एसआई देवेन्द्र कुमार, जितेन्द्र कुमार, एएसआई अभिमन्यु कुमार और ददन प्रधान शामिल थे। इसके अलावा आईआरबी-4 मकईयाटांड़ पिकेट, सेट-6 बालूमाथ थाना और बारियातू थाना के सशस्त्र बलों ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
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