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Jamshedpur : जुबिली पार्क के पास मंगलवार दोपहर अचानक शोर उठने लगा। लोग मुड़े तो देखा कि सड़क किनारे चाय दुकान चलाने वाली एक महिला अपने पति से भिड़ी हुई है। यहां एक महिला अपने पति की पिटाई कर रही थी। महिला सुबह से दुकान संभालती है। चूल्हे की आग, चाय की खुशबू और ग्राहकों की आवाजें उसके दिन का हिस्सा हैं। इसी कमाई से घर चलता है। पति का सहारा एक उम्मीद जैसी बात है, क्योंकि वह काम नहीं करता और घर की जिम्मेदारी भी नहीं उठाता। महिला ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन रोज की गाली गलौज से उसका मन टूट चुका था। मंगलवार को भी पति दुकान पर आया और पैसे मांगने लगा। पहले बात शांत थी, फिर आवाजें तेज हो गईं।
जब बहस हद से आगे बढ़ गई
पति की ओर से लगातार अपशब्दों ने महिला की सहनशीलता को खत्म कर दिया। वह कहती रही कि अब उसकी ताकत जवाब दे रही है। गुस्से में उसने सड़क पर ही पति को पीटना शुरू कर दिया। यह दृश्य किसी नाटक जैसा नहीं था। यह एक ऐसी पत्नी का गुस्सा था जो हर दिन घर को संभालने की कोशिश करती है, लेकिन बदले में सिर्फ ताने और गालियां सुनती है।
बच्चे की दिल छू लेने वाली आवाज
सबसे मार्मिक दृश्य वह था, जब उनका छोटा बच्चा दौड़कर आया। रोते हुए वह बार-बार कह रहा था, “मां छोड़ दो, पुलिस आ जाएगी।” उसकी छोटी हथेलियां अपनी मां को रोकने की कोशिश कर रही थीं। बच्चा डर गया था, पर उससे ज्यादा वह अपने टूटते घर को बचाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन तपे हुए भावनाओं की आग उस पल किसी की नहीं सुन रही थी।
राहगीरों की भीड़ और एक खामोश सच्चाई
कुछ ही मिनटों में सड़क पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने किसी तरह दोनों को अलग किया। भीड़ के शोर में भी एक खामोश सच्चाई साफ सुनाई दे रही थी कि यह विवाद सिर्फ पैसे का नहीं था। यह भरोसे, जिम्मेदारी और रिश्तों से जुड़ी वह दरार थी जो लंबे समय से बढ़ती जा रही थी। पुलिस को जानकारी दे दी गई है और मामले की जांच जारी है।
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