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New Delhi : दिल्ली की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक धमाका देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख चेहरों में शामिल राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने पार्टी से अलग होने का ऐलान कर दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि आम आदमी पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों और आदर्शों से भटक चुकी है, इसलिए अब उनके लिए पार्टी में बने रहना संभव नहीं था। हालिया रिपोर्टों में उनके इस्तीफे और पार्टी से दूरी की पुष्टि भी सामने आई है। राघव चड्ढा ने कहा, “मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं।” उनके इस बयान ने दिल्ली ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है।
बोले- पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने कहा कि जिस सोच और ईमानदार राजनीति के वादे के साथ पार्टी बनी थी, आज वह रास्ता बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर अब वैसी खुली सोच और लोकतांत्रिक माहौल नहीं बचा है। उन्होंने खुद को “गलत पार्टी में सही आदमी” बताते हुए कहा कि पार्टी के अंदर अब वे घुटन महसूस कर रहे थे। उनका कहना था कि अब AAP का मौजूदा स्वरूप उसके शुरुआती मूल्यों से बिल्कुल मेल नहीं खाता।
VIDEO | Delhi: During a press conference, Rajya Sabha MP Raghav Chadha (@raghav_chadha) says, “The Aam Aadmi Party, which I nurtured with my blood and sweat and to which I gave 15 years of my youth, has now completely deviated from its principles, values, and core morals. The… pic.twitter.com/l8J9e9gspF
— Press Trust of India (@PTI_News) April 24, 2026
राज्यसभा सांसदों का भी साथ मिलने का दावा
राघव चड्ढा ने दावा किया कि वह अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि AAP के दो-तिहाई से ज्यादा राज्यसभा सांसद उनके साथ हैं और कई नेताओं ने इस पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। उन्होंने जिन नेताओं के नाम लिए, उनमें Harbhajan Singh, Swati Maliwal, राजेंद्र गुप्ता, Sandeep Pathak और Ashok Mittal जैसे नाम शामिल बताए गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अशोक मित्तल और संदीप पाठक के इस्तीफे की खबरें भी सामने आई हैं।
AAP के लिए बड़ा झटका
राघव चड्ढा लंबे समय से पार्टी का युवा चेहरा माने जाते रहे हैं। वे पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रहे और संसद से लेकर टीवी डिबेट तक AAP की मजबूत आवाज बने रहे। ऐसे में उनका पार्टी छोड़ना सीधे तौर पर Arvind Kejriwal के नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल ही में उन्हें राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर पद से भी हटाया गया था, जिसके बाद से अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
अब आगे क्या
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राघव चड्ढा जल्द नई राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में उनके भाजपा में जाने की भी चर्चा है, हालांकि इस पर उन्होंने अभी खुलकर कुछ नहीं कहा है।
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