Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Tuesday, 28 April, 2026 • 03:33 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » नीतीश सरकार की पहल : भीख नहीं, सम्मानजनक जीवन का संकल्प
Headlines

नीतीश सरकार की पहल : भीख नहीं, सम्मानजनक जीवन का संकल्प

January 5, 2026No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
भिक्षावृत्ति
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

Patna : बिहार सरकार ने भिक्षावृत्ति रोकने और भिक्षुकों के पुनर्वास के लिए नई योजना बनाई है। अगले साल तक पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, वैशाली, अररिया, किशनगंज, जमुई, शेखपुरा, लखीसराय, मधेपुरा, औरंगाबाद, कटिहार, अरवल और रोहतास में नए भिक्षुक पुनर्वास गृह खोले जाएंगे।

वर्तमान में पटना, गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, मुंगेर और सारण में 19 पुनर्वास गृह काम कर रहे हैं। इन गृहों में भिक्षुकों को भोजन, आवास, वस्त्र, चिकित्सा, परामर्श, मनोरंजन और योगा जैसी सुविधाएं मुफ्त दी जा रही हैं। साथ ही उनके बिछड़े परिवार से मिलने और जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है।

Advertisement Advertisement

योजना के तहत भिक्षुकों को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपए तक की मदद, आधार और पैन कार्ड बनवाने, बैंक खाता खोलने तथा शिक्षा, रोजगार और पुनर्वास से जुड़े अन्य लाभ भी दिए जाते हैं। अब तक 544 भिक्षुकों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। वृद्ध, विधवा या दिव्यांग भिक्षुकों को पेंशन भी मिलती है।

राज्य में 6 सक्षम उत्पादक समूह भी काम कर रहे हैं, जहां भिक्षुकों को स्किल डेवलपमेंट कोर्स कराया जाता है। ये समूह अगरबत्ती, दीया-बत्ती, नारियल झाड़ू, चप्पल और जूट से बने उत्पाद बनाकर बेचते हैं और आय निर्माताओं में बांटी जाती है।

योजना का लाभ सिर्फ बिहार के मूल निवासी भिक्षुक उठा सकते हैं। इसके लिए आयु सीमा नहीं है, लेकिन बाल भिक्षुक और वृद्धों के लिए विशेष प्रावधान हैं। पात्रता के लिए आर्थिक स्थिति प्रमाण पत्र और स्वास्थ्य संबंधी डॉक्टर का प्रमाण पत्र आवश्यक है। आवेदन जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग या जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (सक्षम कार्यालय) में जमा किया जा सकता है।

 

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous ArticleIRCTC में बड़ा अपडेट : टिकट बुकिंग को लेकर बदल डाला ये नियम
Next Article ग्रेजुएट्स के लिए सुनहरा मौका, SBI में 996 पदों पर बंपर Vacancy

Related Posts

Headlines

सीएम ने लिया सिरमटोली-कांटा टोली फ्लाईओवर का अपडेट, भू-अर्जन जल्द पूरा करने का आदेश

April 27, 2026
Headlines

शहीदों के बच्चों के लिए बनेगा आवासीय विद्यालय, सीएम ने मांगी रिपोर्ट

April 27, 2026
Headlines

कुख्यात राहुल दुबे का गुर्गा धराया, तुर्की मेड पिस्टल देख चौंकी पुलिस

April 27, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

राशिफल @ 28 अप्रैल 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

April 28, 2026

ब्लैक कॉफी के फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान, लिवर से दिमाग तक असर

April 27, 2026

सीएम ने लिया सिरमटोली-कांटा टोली फ्लाईओवर का अपडेट, भू-अर्जन जल्द पूरा करने का आदेश

April 27, 2026

शहीदों के बच्चों के लिए बनेगा आवासीय विद्यालय, सीएम ने मांगी रिपोर्ट

April 27, 2026

बैंक में नौकरी का बड़ा मौका, इंडियन बैंक में 350 पदो पर Vacancy

April 27, 2026
Advertisement Advertisement
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.