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Ranchi : झारखंड के जनजातीय समुदाय के कई विद्यार्थी आर्थिक तंगी और सही मार्गदर्शन के अभाव में जेईई और मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं पास नहीं कर पाते थे। ऐसे छात्रों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। राजधानी रांची में एक विशेष कोचिंग संस्थान की शुरुआत की गई है।
रांची में हुआ कोचिंग संस्थान का उद्घाटन
राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी स्थित आदिवासी मैदान में बने इस कोचिंग संस्थान का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया। यह संस्थान दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम पर स्थापित किया गया है।
पढ़ाई की जिम्मेदारी मोशन कोचिंग को
इस कोचिंग संस्थान में पढ़ाई की जिम्मेदारी राजस्थान की प्रसिद्ध संस्था मोशन को सौंपी गई है। यहां जेईई की एक वर्षीय और दो वर्षीय कोचिंग के साथ मेडिकल नीट परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। परिसर में छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट क्लास और रहने की व्यवस्था भी की गई है।
शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण
कोचिंग परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं इस प्रतिमा का अनावरण किया। यह संस्थान आदिवासी समाज के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम कदम माना जा रहा है।
छात्रों से मुख्यमंत्री का संदेश
उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से कहा कि वे ऐसा परिणाम दें जिससे झारखंड का नाम रोशन हो। उन्होंने विद्यार्थियों से आर्थिक परेशानियों की चिंता छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र केवल आरक्षित श्रेणी में ही नहीं, बल्कि उससे बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखें।
खेलकूद और अतिरिक्त बैच की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोचिंग परिसर में रहने वाले छात्रों के लिए खेलकूद की भी व्यवस्था की जाए, ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास हो सके। इसके साथ ही उन्होंने कुछ अंकों से चयन से वंचित रह गए छात्रों के लिए अतिरिक्त बैच शुरू करने का भी निर्देश दिया।
हर जिले में बनेगा लाइब्रेरी भवन
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने हर जिले में लाइब्रेरी भवन बनाने का निर्णय लिया है। इनमें ई लाइब्रेरी की सुविधा भी होगी। यह कदम छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल देने की दिशा में उठाया गया है।
शिक्षा को लेकर गुरुजी की सोच
इस मौके पर मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन हमेशा जनजातीय समाज को शिक्षा अपनाने के लिए प्रेरित करते थे। ऐसे में इस कोचिंग संस्थान को उन्हें समर्पित करना गर्व की बात है।
छात्रों में दिखा उत्साह
उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। कोचिंग में पढ़ाई करने आए आदिवासी छात्र इस पहल से बेहद खुश नजर आए। उन्हें उम्मीद है कि यह संस्थान उनके सपनों को नई दिशा देगा।
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