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Pakur (Jaydev Kumar) : झारखंड के पाकुड़ में आजसू नेता और पूर्व एनडीए प्रत्याशी अजहर इस्लाम के जानकीनगर स्थित घऱ पर पुलिस ने भारी दलबल के साथ छापेमारी की है। मामला एक विवादित जमीन पर कोर्ट के आदेश के बाद भी जबरन निर्माण कराने और जांच करने पहुंची पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की करने से जुड़ा है। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में कई घंटों तक सनसनी फैली रही।
एसडीएम ने लगा रखी थी धारा 144, फिर भी चल रहा था काम
मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, अजहर इस्लाम के पड़ोस की एक जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस जमीन पर एसडीएम ने धारा 144 लगा रखी है, यानी किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक थी। आरोप है कि इस प्रतिबंध के बावजूद वहां मजदूर लगाकर धड़ल्ले से निर्माण कार्य कराया जा रहा था। जब इसकी भनक जमीन के दूसरे पक्ष को लगी, तो उन्होंने तुरंत मुफस्सिल थाने में इसकी लिखित शिकायत कर दी।
जांच करने गई पुलिस से उलझे समर्थक, बुलानी पड़ी तीन थानों की फोर्स
शिकायत मिलने के बाद बीती देर शाम मुफस्सिल थानेदार गौरव कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर जांच करने पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिस को देखते ही वहां मौजूद आजसू नेता के समर्थक और कुछ लोग भड़क गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख थानेदार ने तुरंत इसकी जानकारी अपने सीनियर अफसरों को दी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के तीन थानों की पुलिस को एक साथ मौके पर रवाना किया गया।
घर का मेन गेट बंद कर गायब हुए नेताजी, घंटों डटी रही पुलिस
जब तीन थानों की संयुक्त पुलिस टीम अजहर इस्लाम के आवास पर छापेमारी करने पहुंची, तो वहां का नजारा बदला हुआ था। घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद मिला। इस बीच पुलिस की भनक लगते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस टीम कई घंटों तक वहां कैंप करती रही, लेकिन आजसू नेता या उनके कोई प्रमुख समर्थक मौके पर हाथ नहीं आए।
बगीचे में काम कर रहे दो बच्चे रेस्क्यू किए गए
इस पूरे ड्रामे के बीच मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब मुफस्सिल पुलिस के साथ श्रम विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने अजहर इस्लाम के परिसर के बगीचे में छानबीन की, तो वहां दो नाबालिग बच्चे काम करते हुए मिले। श्रम विभाग की टीम ने बाल श्रम के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों को वहां से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।
इन तीन मामलों में फंसा पेंच, पुलिस बोली- कानून तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस सूत्रों का कहना है कि तीन अलग-अलग मामलों को लेकर जांच तेज कर दी गई है। पहला- जमीन का अवैध कब्जा और विवाद, दूसरा- सरकारी आदेश (धारा 144) का उल्लंघन, और तीसरा- ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और सरकारी काम में बाधा डालना। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
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