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Patna : विदेश यात्रा के दौरान अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सेवा एक्टिव करने का भरोसा देकर ग्राहकों को अधर में छोड़ना भारती टेलीमीडिया लिमिटेड और एयरटेल स्टोर को भारी पड़ गया। पटना जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सेवा में गंभीर लापरवाही और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाते हुए दोनों पर कुल 1 लाख 25 हजार रुपये का हर्जाना ठोका है। आयोग ने साफ कहा कि उपभोक्ताओं को मानसिक परेशानी और उत्पीड़न झेलने के लिए एक लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी लड़ाई के खर्च के रूप में 25 हजार रुपये चुकाने होंगे। यह फैसला आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्र और सदस्य रजनीश कुमार की पीठ ने सुनाया है।
कुआलालंपुर पहुंचते ही नेटवर्क हुआ गायब
पूरा मामला जनवरी 2016 का है। पटना के पुष्कर शर्मा और दीप्ति शर्मा ने विदेश यात्रा पर जाने से पहले अपने मोबाइल नंबर पर अंतरराष्ट्रीय रोमिंग की सुविधा ली थी। एयरटेल स्टोर और कंपनी की ओर से उन्हें पूरा भरोसा दिया गया था कि दूसरे देश में कदम रखते ही उनका फोन सुचारू रूप से काम करने लगेगा। इसके उलट जब दोनों मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुंचे, तो उनके फोन से नेटवर्क ही गायब हो गया। अजनबी देश में नेटवर्क न होने के कारण दोनों अपनों से पूरी तरह कट गए और उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बार-बार गुहार के बाद भी नहीं सुनी गई बात
परेशान होकर दोनों ने कुआलालंपुर से ही कई बार कंपनी के कस्टमर केयर और संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधा। बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद एयरटेल की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और पूरी यात्रा के दौरान उनकी समस्या का हल नहीं निकला। वतन वापसी के बाद उन्होंने उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया। आयोग के सामने दोनों पक्षों के तर्क रखे गए। शिकायतकर्ताओं ने एसएमएस संवाद, शिकायतों के रिकॉर्ड और यात्रा से जुड़े जरूरी दस्तावेज सबूत के तौर पर पेश किए।
60 दिन में भुगतान नहीं करने पर 12 फीसदी ब्याज
सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद उपभोक्ता आयोग ने पाया कि कंपनी ने सेवा देने का वादा तो किया, लेकिन उसे निभाया नहीं। इसे सीधे तौर पर सेवा में कोताही और ग्राहकों के साथ धोखा माना गया। आयोग ने भारती टेलीमीडिया और एयरटेल स्टोर को संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए आदेश दिया कि फैसले की कॉपी मिलने के 60 दिनों के भीतर हर्जाने की पूरी रकम चुकानी होगी। यदि तय समय सीमा के अंदर भुगतान नहीं किया गया, तो पूरी बकाया राशि पर भुगतान की तारीख तक 12 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज भी भरना पड़ेगा।
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