अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : राजधानी पटना के लोग जिसे ब्रांडेड और मिनरल वाटर समझकर अपनी प्यास बुझा रहे थे, वह असल में अवैध फैक्ट्रियों में तैयार किया जा रहा नकली पानी निकला। लोगों की सेहत से खिलवाड़ की पक्की सूचना मिलने के बाद खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने शहर के चार अलग-अलग इलाकों में एक साथ धावा बोला। जांच में खुलासा हुआ कि नामी कंपनी बिसलेरी के नाम और लेबल का खुलेआम दुरुपयोग कर शहर भर में डुप्लीकेट पानी की सप्लाई की जा रही थी। टीम ने चारों ठिकानों से हजारों लीटर नकली और घटिया पानी जब्त कर मौके पर ही नष्ट करवा दिया और यूनिट्स के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए।
कचुआरा और बरी पहाड़ी में पकड़ा गया गोरखधंधा, फर्जी पते पर चल रही थी यूनिट
टीम ने सबसे पहले कचुआरा के मनोहरपुर स्थित एस. हाइड्रेला पर दबिश दी। यहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। यूनिट के भीतर बिसलेरी के रैपर चढ़ाकर डुप्लीकेट पानी धड़ल्ले से पैक हो रहा था। बोतलों की जांच हुई तो उन पर छपा पता और लाइसेंस नंबर किसी दूसरी ही फर्म का निकला। प्लांट के अंदर गंदगी फैली थी और काम करने वाले मजदूरों का कोई मेडिकल रिकॉर्ड नहीं था। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक लीटर की 1500 और आधा लीटर की 900 बोतलें यानी कुल 2400 लीटर नकली पानी नष्ट कर दिया। इस फर्म का लाइसेंस सस्पेंड कर पानी के सैंपल लैब भेजे गए हैं।
कार्रवाई की दूसरी कड़ी बरी पहाड़ी स्थित मां एंटरप्राइजेज में देखने को मिली। यहां बिसलेरी के नाम पर तैयार 15 हजार 168 बोतलें बरामद हुईं। इनमें 1 लीटर की 4800 और 500 एमएल की 10 हजार से ज्यादा बोतलें शामिल थीं, जिनकी कुल कीमत 62 हजार रुपये से अधिक थी। अफसरों ने इस पूरे स्टॉक को बुलडोजर चलवाकर और सील तोड़कर नष्ट कराया। इसके साथ ही करीब 73 हजार रुपये मूल्य की बाकी बोतलों को जांच के लिए जब्त किया गया है।
संपतचक और बेउर में हमनाम ब्रांड्स का खेल, लाखों का स्टॉक सीज
मिलावटखोरों ने ग्राहकों की आंखों में धूल झोंकने के लिए असली ब्रांड से मिलते-जुलते नामों का जाल बिछा रखा था। बेउर थाना इलाके के आदित्य एंटरप्राइजेज में जब छापेमारी हुई, तो वहां बिसलेरी के अलावा ‘सुहर बिसलेरी’, ‘आदित्य बिसलेरी’ और ‘न्यूट्रीएंट्रल’ के नाम से पैक किया गया पानी मिला। अधिकारियों ने यहां से करीब 1 लाख 59 हजार रुपये का स्टॉक जब्त कर नष्ट कराया और प्लांट संचालक को कमियां सुधारने के लिए 14 दिनों का नोटिस थमाया।
चौथा छापा संपतचक के सोनागोपालपुर में कृष्णा एंटरप्राइजेज पर पड़ा। यहां बिसलेरी की 2338 बोतलों के अलावा संजीवनी और न्यूट्री ड्रॉप जैसे लोकल ब्रांड्स का 1 लाख 5 हजार रुपये से ज्यादा का माल जब्त कर नाबूत किया गया।
खाद्य संरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेयजल की शुद्धता सीधे आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी है। नकली लेबल लगाकर पानी बेचने वाले इस सिंडिकेट पर आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि आम लोगों तक सिर्फ सुरक्षित पानी ही पहुंचे।
इसे भी पढ़ें : PM मोदी ने किया रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो का आगाज, CM सम्राट भी हुए शामिल



