अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Garhwa (Nityanand Dubey) : दीपावली की रौनक से सजा गढ़वा शहर… बाज़ारों में रौशनी, मिठाइयों की महक और खरीदारों की भीड़। लेकिन इसी बीच, इस मिठास में कुछ ऐसा घुला था जो सीधे लोगों की सेहत से खेल रहा था। जब बाकी लोग घर सजाने और मिठाइयाँ खरीदने में लगे थे, तभी खाद्य सुरक्षा प्रशासन की एक टीम चुपचाप तैयार हो रही थी शहर के सबसे बड़े मिठाई घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए।
सोनपुरवा में पहली छापेमारी – “यह मिठाई नहीं, जहर है!”
सुबह करीब 10 बजे, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीप श्री की टीम ने सोनपुरवा इलाके में दस्तक दी। वहां चल रहा था कुंदन साव का मिठाई कारखाना। बाहर से सादा-सा दिखने वाला यह ठिकाना अंदर जाकर किसी “मिलावट फैक्ट्री” से कम नहीं था। दीवारों पर जमी गंदगी, फर्श पर बिखरे बेसन और तेल की परतें… एक कोने में लड्डू बन रहे थे, लेकिन उनमें मिठास से ज़्यादा रासायनिक चमक थी। टीम ने जब पूछा — “लाइसेंस दिखाइए”, तो जवाब में सन्नाटा छा गया। पता चला कि कुंदन साव बिना किसी लाइसेंस के खुलेआम मिलावटी बेसन लड्डू बना रहा था और त्योहार के नाम पर लोगों को धीमे ज़हर परोस रहा था।
जुटी मोड़ का राज – पुराने डिब्बों में नई चाल
पहली जगह से निकलते ही टीम पहुंची कल्याणपुर, जुटी मोड़ के पास फाल्गुनी यादव के ठिकाने पर। यहाँ की कहानी और भी चौंकाने वाली थी। फाल्गुनी यादव बिना लाइसेंस मिठाई तैयार कर रहा था। जो बात टीम को हैरान कर गई, वो यह कि वह पुरानी मिठाई के इस्तेमाल किए गए डिब्बों में नई (मिलावटी) मिठाई पैक कर दुकानों में भेज रहा था। कई बॉक्स पर तो पुराने ब्रांड के नाम तक साफ़ देखे जा सकते थे… मानो ग्राहक की आंखों में धूल झोंकने की पूरी तैयारी थी।
1230 किलो मिलावटी मिठाई सील
टीम ने मौके से 1230 किलो मिठाई जब्त की। सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। दीप श्री ने बताया, “यह केवल मिलावट का मामला नहीं है, यह लोगों की ज़िंदगी से खिलवाड़ है। दीपावली के वक्त मिठाई की मांग बढ़ जाती है, और ऐसे लोग उसी का फायदा उठाते हैं।”
चेतावनी और कार्रवाई
निरीक्षण में पाया गया कि कई प्रतिष्ठानों के पास वैध खाद्य लाइसेंस तक नहीं था। ऐसे सभी कारोबारियों को नोटिस जारी कर जल्द लाइसेंस प्राप्त करने और मानकों के अनुरूप काम करने की सख्त हिदायत दी गई है। विभाग ने साफ़ कहा है कि अब कोई भी मिठाई का व्यवसाय “बिना लाइसेंस और बिना स्वच्छता” के नहीं चल सकेगा… अगली बार सीधे कानूनी कार्रवाई होगी। इस पूरे अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीप श्री ने किया। उनके साथ विवेक तिवारी, संतोष कुमार, और बबलू पांडे मौजूद थे, जिन्होंने दीपावली से पहले शहर को “मिलावट के त्योहार” बनने से बचा लिया।
इसे भी पढ़ें : इप्सोवा दिवाली मेला : संवेदना और सेवा के मेले का सीएम हेमंत ने पत्नी संग किया उद्घाटन

