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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ में इन दिनों पुलिस कप्तान मुकेश लुनायत के निर्देश पर ‘प्रहरी’ अभियान चलाया जा रहा है। मकसद साफ है… अपराधियों पर लगाम कसना, सार्वजनिक जगहों से हुड़दंगियों को हटाना और कानून का राज मजबूत करना। लेकिन रामगढ़ थाना से महज कुछ ही दूरी पर स्थित नये बस स्टैंड का जो नजारा सामने आ रहा है, लोगों का कहना है कि वह ‘प्रहरी’ को मुंह चिढ़ा रहा है। इस सीन ने पूरे अभियान पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि जैसे ही सूरज ढलता है, इस बस स्टैंड परिसर में कुछ लोग बेखौफ होकर खुलेआम शराब पीने बैठ जाते हैं। पुलिस नाक के नीचे चल रहे इस खेल से यहां आने-जाने वाले मुसाफिर खुद को बेहद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
यात्रियों की सहूलियत के लिए बना परिसर अब बना सिरदर्द
इस नए बस स्टैंड को इसलिए बनाया गया था ताकि दूर-दराज जाने वाले मुसाफिरों को एक सुरक्षित जगह मिल सके, बसें सही तरीके से रुकें और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल उलट हो चुकी है। स्थानीय दुकानदारों और आस-पास के लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही बस स्टैंड के कई कोने शराबियों और असामाजिक तत्वों के अड्डे में तब्दील हो जाते हैं। सरकारी पैसे से बनी इस शानदार जगह पर इस तरह की हरकतों से न सिर्फ इसकी खूबसूरती खराब हो रही है, बल्कि पुलिसिया इंतजामों की भी पोल खुल रही है।

महिलाओं और परिवारों का निकलना हुआ दूभर
इस बस स्टैंड से हर दिन हजारों की संख्या में महिलाएं, कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग और परिवार के लोग सफर करते हैं। ऐसे में सार्वजनिक जगह पर खुलेआम चल रही इस शराबखोरी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शाम के वक्त यहां से गुजरने में डर लगने लगा है। शराबियों की मौजूदगी की वजह से महिलाएं और परिवार बेहद असहज महसूस करते हैं। लोगों का मानना है कि बस स्टैंड जैसी जरूरी जगह पर चौबीसों घंटे सुरक्षा का ऐसा माहौल होना चाहिए जहां कोई भी बिना किसी डर के आ-जा सके।
जब पुलिस पास में है, तो हौसले इतने बुलंद क्यों
जनता के बीच इस बात को लेकर सबसे ज्यादा गुस्सा है कि जब पूरे जिले में हुड़दंगियों और नशेड़ियों के खिलाफ विशेष अभियान चल रहा है, तो फिर थाने से चंद कदमों की दूरी पर यह सब कैसे मुमकिन है? लोगों का सवाल है कि क्या ‘प्रहरी’ अभियान सिर्फ कागजों पर चल रहा है? स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि यहां पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी हो और सार्वजनिक जगह का माहौल खराब करने वाले इन तत्वों को पकड़कर सख्त से सख्त कानूनी सजा दी जाए।
अब सिर्फ ठोस कार्रवाई का इंतजार
रामगढ़ के जागरूक नागरिकों ने अब जिला प्रशासन और पुलिस के बड़े अधिकारियों से गुहार लगाई है कि इस बस स्टैंड को जल्द से जल्द सुरक्षित और साफ-सुथरा बनाया जाए। लोगों का कहना है कि पुलिस को बिना किसी दबाव के इन शिकायतों की जांच करनी चाहिए और मौके पर जाकर एक्शन लेना चाहिए। अगर पुलिस यहां सख्ती दिखाती है, तभी आम जनता के बीच सुरक्षा का भरोसा दोबारा कायम हो पाएगा और तभी सही मायनों में ‘प्रहरी’ अभियान का मकसद भी पूरा होगा।
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