अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (NH-23) पर रजरप्पा मोड़ के पास स्थित शिव शंकर ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल मुख्य आरोपी शमशेर आलम को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए इस शातिर अपराधी पर अलग-अलग जिलों में 20 से ज्यादा आपराधिक मामले पहले से चल रहे हैं। रामगढ़ पुलिस ने इस पूरे गिरोह का लगभग सफाया करते हुए सभी आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इस बड़ी कामयाबी के लिए रामगढ़ के SP मुकेश लुनायत ने पूरी टीम को सम्मानित किया है।
क्या थी रजरप्पा मोड़ की वह वारदात?
रजरप्पा मोड़ के पास स्थित शिव शंकर ज्वेलर्स में अपराधियों ने धावा बोलकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। दुकान के मालिक विष्णु प्रसाद के बयान पर रजरप्पा थाने में कांड संख्या 48/2026 दर्ज किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ के एसपी ने फौरन एक्शन लिया और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। यह टीम तकनीकी सुरागों और जमीन से मिल रही सूचनाओं के आधार पर लगातार फरार चल रहे अपराधियों के पीछे पड़ी हुई थी।
ताजा गिरफ्तारी में मिला हथियार और जेवर
पुलिस की इसी ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान 12 जुलाई को पुलिस ने मामले के नामजद आरोपी शमशेर आलम को धर दबोचा। शमशेर आलम रामगढ़ के कुलसराय (मनुआ) का रहने वाला है। जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसकी निशानदेही पर जो सामान मिला उसे देख पुलिस की टीम दंग रह गई।
शमशेर के पास से बरामद हुआ यह सामान :
- 7.65 mm की एक ऑटोमेटिक पिस्टल (जिस पर ‘KGF MADE IN ITALY’ लिखा है) और दो खाली मैगजीन।
- 7.65 mm के दो जिंदा गोलियां।
- एक बिना नंबर प्लेट की उजली-नीली अपाचे मोटरसाइकिल।
- घर में छिपाकर रखे गए सोने जैसे दिखने वाले 22 आभूषण (कुल वजन करीब 370 ग्राम)।
- चांदी जैसे दिखने वाले 9 आभूषण (कुल वजन लगभग 100 ग्राम)।
पकड़े गए अपराधी का लंबा-चौड़ा क्रिमिनल रिकॉर्ड
गिरफ्तार किया गया शमशेर आलम कोई नया अपराधी नहीं है, बल्कि एक हिस्ट्रीशीटर डकैत है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ रामगढ़, कुज्जू, गोला, मांडू, पिठोरिया, कांके, रातु, बेरमो और सिकीदरी समेत कई थानों में लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के कुल 29 मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से इलाके में वारदातों को अंजाम दे रहा था और पुलिस की रडार पर था।
पूरी कार्रवाई में अब तक पुलिस को क्या-क्या मिला?
इस डकैती कांड में पुलिस शुरुआत से ही फूंक-फूंक कर कदम रख रही थी और एक-एक कर पूरी चेन को तोड़ दिया:
- 24 अप्रैल : पुलिस ने सबसे पहले 7 आरोपियों को दबोचा था। उनके पास से सोने के 123 पीस, चांदी के 72 पीस जेवरात, एक अर्टिगा गाड़ी, एक अपाचे बाइक, दो मोबाइल और एक लोडेड पिस्टल मिली थी।
- 10 जून : सीक्रेट इनपुट के आधार पर 2 और आरोपी पकड़े गए, जिनसे 1360 ग्राम चांदी और 40 ग्राम सोने के जेवर बरामद हुए।
- 16 जून : पुलिस के बढ़ते दबाव और लगातार दबिश के कारण इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड विभाष पासवान उर्फ मृगेन्द्र पासवान (नालंदा, बिहार) कोर्ट में सरेंडर करने पर मजबूर हो गया।
- 8 जुलाई : रिमांड पर लिए गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सोने का टूटा हुआ झुमका और चांदी की तीन चूड़ियां बरामद कीं।
कुल रिकवरी : इस मामले में अब तक 10 अपराधी गिरफ्तार हो चुके हैं और 1 ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है। पुलिस ने अब तक कुल मिलाकर लगभग 505 ग्राम सोने के जेवर, 3 किलो चांदी के आभूषण, एक अर्टिगा कार, एक स्कूटी, तीन मोटरसाइकिल, 4 मोबाइल फोन, 2 पिस्टल, 3 मैगजीन और 5 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं।
पूरी SIT को एसपी मुकेश लुनायत ने नवाजा
इस पेचीदा और बड़े केस को इतनी सूझबूझ से सुलझाने के लिए रामगढ़ पुलिस कप्तान ने रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व वाली SIT टीम की पीठ थपथपाई है। एसपी ने टीम का हौसला बढ़ाने के लिए पुलिस अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र सौंपे और पुलिस के जवानों व ड्राइवर को नकद इनाम देकर सम्मानित किया।
सम्मान पाने वाले जांबाज :
प्रशस्ति पत्र पाने वाले अधिकारियों में एसआई कृष्ण कुमार, रोहित राज सिंह, संजय कुमार रजक, निरंजन कुमार सिंह, रंजीत कुमार महतो और मो० इकबाल शामिल हैं। वहीं कैश रिवॉर्ड पाने वालों में ड्राइवर हवलदार रोहित सिंह, आरक्षी नीरज कुमार भट्ट, फुलचन्द महतो, संतोष कुमार सिंह, भानू रजक और राजकुमार पासवान शामिल हैं। रामगढ़ एसपी ने चेतावनी दी है कि इलाके में सक्रिय संगठित अपराधियों और लुटेरों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का कड़ा एक्शन जारी रहेगा।
इसे भी पढ़ें : भयंकर हा’दसे में चकनाचूर हुई गाड़ी, पर लोग बोले- ये तो चमत्कार है… जानें क्यों

