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Ranchi : रोजमर्रा की वही फाइलों की भागदौड़, कंप्यूटर स्क्रीन पर टिक-टिक करती उंगलियां और बैठकों का दौर। लेकिन सोमवार, 13 जुलाई को CCL यानी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय का नजारा कुछ बदला-बदला सा था। दफ्तर के गंभीर माहौल के बीच अचानक शतरंज के मोहरों की चालें चली जाने लगीं और कैरम बोर्ड पर स्ट्राइकर की खनक गूंज उठी। मौका था दो दिनों की अंतर-विभागीय शतरंज और कैरम प्रतियोगिता (2026-27) के शानदार आगाज का, जिसने कर्मचारियों को काम के तनाव से दूर एक अलग ही रोमांच से भर दिया।
इस बेहतरीन खेल उत्सव की शुरुआत मुख्य प्रबंधक (वित्त) संजय कुमार सिंह ने की। उन्होंने खेल प्रबंधक आदिल हुसैन के साथ शतरंज के बोर्ड पर पहली चाल चली और इसी के साथ दो दिनों तक चलने वाले इस दिमागी और हुनर के खेल का आधिकारिक तौर पर शंखनाद हो गया।
काम के तनाव के बीच खेल से मिली मानसिक शांति
उद्घाटन के मौके पर मुख्य अतिथि संजय कुमार सिंह ने बेहद पते की बात कही। उन्होंने कहा कि खेल सिर्फ सेहत और दिमाग को दुरुस्त रखने का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये हमें सिखाते हैं कि एक टीम के रूप में कैसे काम किया जाता है, कैसे अनुशासित रहा जाता है और कैसे एक स्वस्थ मुकाबले का सामना किया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि दफ्तर के रोजमर्रा के काम के बीच जब इस तरह के आयोजन होते हैं, तो कर्मचारियों को मानसिक शांति मिलती है। यह आयोजन एक टॉनिक की तरह है जो कर्मचारियों के भीतर नई ऊर्जा भरता है और जब कर्मचारी मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करते हैं, तो दफ्तर में उनकी कार्यक्षमता खुद-ब-खुद बढ़ जाती है। उन्होंने मुस्कुराते हुए सभी प्रतिभागियों को खेल भावना के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

जब 102 कर्मचारी बने खिलाड़ी, दिखा गजब का उत्साह
कहते हैं कि खेल की कोई उम्र नहीं होती और न ही पद का कोई दायरा होता है। खेल के मैदान पर सब बराबर होते हैं। इस प्रतियोगिता के पहले दिन ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला जब मुख्यालय के अलग-अलग विभागों के कुल 102 कर्मचारी अपनी कुर्सी-मेज छोड़कर खिलाड़ी के रूप में आमने-सामने आ गए। इनमें से 33 खिलाड़ियों ने शतरंज की बिसात पर दिमाग दौड़ाया, तो वहीं 69 खिलाड़ियों ने कैरम बोर्ड पर अपनी उंगलियों का जादू दिखाया।
मैचों को सही तरीके से करवाने की जिम्मेदारी भी बखूबी बांटी गई थी। शतरंज के मुकाबलों को आर.आर. सिंह संभाल रहे थे, तो वहीं कैरम के मैचों का जिम्मा शशि भूषण मंडल के कंधों पर था। दोनों ने ही पहले दिन के मैचों को बहुत ही शांति और शानदार तरीके से पूरा करवाया।
शह-मात का खेल और कैरम की गजब जंग
प्रतियोगिता के पहले दिन हर मैच में कांटे की टक्कर देखने को मिली। हर खिलाड़ी जीतने के लिए जी-जान लगा रहा था। कैरम के एकल (सिंगल्स) मुकाबलों में अमित जुनैद अख्तर, शशि भूषण मंडल, मनोहर कर्माली, संदीप कुमार और प्रभात दयाल ने अपनी सटीक हिटिंग और बेहतरीन तालमेल से मैच जीतकर सबको हैरान कर दिया।
दूसरी तरफ, शतरंज की मेज पर सन्नाटे के बीच दिमाग का तूफान चल रहा था। यहाँ राजकुमार सिंह, दीपक श्रीवास्तव, रोहित, रामजी उरांव और आर.आर. सिंह ने अपनी चालों से विरोधियों को चारों खाने चित कर दिया। इन खिलाड़ियों ने अपनी रणनीतिक सोच का लोहा मनवाते हुए अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली।
असली मंजिल तो अभी आगे है
इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में सिर्फ जीतना ही मकसद नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के सामने एक बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी भी है। दरअसल, इस टूर्नामेंट में जो खिलाड़ी सबसे शानदार खेल दिखाएंगे, उनका चयन CCL मुख्यालय की मुख्य टीम में किया जाएगा। यही चुनिंदा खिलाड़ी आगे चलकर होने वाली बड़ी ‘सीसीएल अंतर-क्षेत्रीय शतरंज एवं कैरम प्रतियोगिता 2026-27’ में मुख्यालय का नाम रोशन करने उतरेंगे।
इस पूरे आयोजन को रंगारंग और सफल बनाने में CCL के कल्याण विभाग ने पर्दे के पीछे से बहुत मेहनत की है। पहले दिन के रोमांचक सफर के बाद अब सबकी नजरें 14 जुलाई, 2026 को होने वाले फाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां इस प्रतियोगिता के असली चैंपियंस का फैसला होगा और विजेताओं को ट्रॉफी सौंपी जाएगी।
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