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Ranchi : शहर में कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर रांची नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। निगम की जांच में नियमों का पालन नहीं करने वाले पांच कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया है। कार्रवाई हरिओम टावर में संचालित कोचिंग संस्थानों के खिलाफ की गई। जांच में फायर एनओसी, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश और निकास, वेंटिलेशन, पर्याप्त जगह और ट्रेड लाइसेंस जैसे जरूरी मानकों में गंभीर कमियां मिलीं। नगर निगम के मुताबिक, इन संस्थानों को पहले नोटिस देकर कमियां दूर करने के लिए तीन दिन का समय भी दिया गया था। समय बीतने के बाद भी नियमों का पालन नहीं हुआ तो सीलिंग की कार्रवाई की गई।
सील किए गए संस्थानों में द पाठशाला, पतंजलि आईएएस एकेडमी, मोशन एकेडमी, क्लैट प्रिपरेशन और चौतन्या आईएएस एकेडमी शामिल हैं। नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद शहर के दूसरे कोचिंग संस्थानों में भी खलबली मच गई है। निगम ने साफ कर दिया है कि जांच आगे भी जारी रहेगी और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई होगी।
एक कमरे में कितने छात्र, निकलने का रास्ता कितना सुरक्षित… सबकी हो रही जांच
रांची नगर निगम की टीम शहर के अलग-अलग इलाकों में चल रहे कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की जांच कर रही है। दरअसल, बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इन संस्थानों में घंटों समय बिताते हैं। ऐसे में किसी आपात स्थिति में अगर बाहर निकलने का रास्ता ही सुरक्षित नहीं हो या आग लगने की स्थिति में बचाव के पर्याप्त इंतजाम न हों तो बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।
इसी को देखते हुए निगम की जांच में फायर एनओसी और अग्निशमन उपकरणों से लेकर प्रवेश और निकास की व्यवस्था तक देखी जा रही है। संस्थान में हवा आने-जाने के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन है या नहीं, विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से जगह पर्याप्त है या नहीं और भवन की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। विद्युत सुरक्षा और ट्रेड लाइसेंस की भी जांच हो रही है।
हरिओम टावर में हुई जांच के दौरान कई जरूरी मानकों में गंभीर कमियां सामने आईं। नगर निगम के मुताबिक, संबंधित संस्थान बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के भी संचालित पाए गए। इसके अलावा भवन और अग्नि सुरक्षा से जुड़े कई जरूरी प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा था।
नोटिस दिया, तीन दिन का वक्त मिला, फिर भी नहीं माने नियम
नगर निगम के अनुसार, जांच में कमियां मिलने के बाद संबंधित संस्थानों को सीधे सील नहीं किया गया। पहले राजस्व शाखा और नगर निवेशक शाखा की ओर से नियमानुसार नोटिस जारी किया गया। नोटिस के जरिए संचालकों को नियमों के मुताबिक जरूरी व्यवस्था पूरी करने और कमियां दूर करने का मौका दिया गया।
इसके लिए तीन दिन का समय निर्धारित किया गया था। नगर निगम का कहना है कि तय समय खत्म होने के बाद भी संबंधित संस्थानों ने जरूरी अनुपालन नहीं किया। इसके बाद निगम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू की और हरिओम टावर में संचालित पांच संस्थानों को सील कर दिया गया।
नगर निगम ने कार्रवाई के लिए झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 455 और 600 तथा झारखंड म्यूनिसिपल ट्रेड लाइसेंस रूल्स, 2017 के कंडिका 19 और 20 में दिए गए प्रावधानों का हवाला दिया है। निगम के अनुसार, बिना वैध ट्रेड लाइसेंस और निर्धारित नियमों का पालन किए संस्थान चलाना स्वीकार्य नहीं है।
18 संस्थान रडार पर, बाकी पर भी कार्रवाई होगी
नगर निगम की कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। निगम के अनुसार, शहर के कुल 18 कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सीलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें से पांच संस्थानों को सील किया जा चुका है। बाकी चिन्हित संस्थानों के खिलाफ भी जांच और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
निगम का कहना है कि अभियान का मकसद केवल संस्थानों को बंद करना नहीं है। सबसे जरूरी बात यह है कि जहां बड़ी संख्या में बच्चे और युवा पढ़ने आते हैं, वहां उनके लिए सुरक्षित माहौल हो। किसी भवन में क्षमता से ज्यादा विद्यार्थियों को बैठाना, आपात स्थिति में बाहर निकलने के पर्याप्त रास्ते नहीं रखना या आग से बचाव के इंतजाम नहीं करना सीधे विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
नगर निगम ने कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों से अपने संस्थानों में सभी जरूरी व्यवस्थाओं की जांच करने को कहा है। फायर सेफ्टी, विद्युत सुरक्षा, प्रवेश और निकास, वेंटिलेशन, विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से जगह, ट्रेड लाइसेंस और भवन संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी है।
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