अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : सरकारी नौकरी से रिटायर होना किसी भी कर्मचारी के लिए भावुक पल होता है। सालों तक बच्चों को पढ़ाने के बाद जब शिक्षक सेवा से विदा लेते हैं, तो उनके लिए सम्मान के साथ समय पर पेंशन और दूसरे सेवानिवृत्ति लाभ मिलना भी उतना ही जरूरी है। रांची जिला प्रशासन ने इसी सोच के साथ सोमवार को पेंशन दरबार सह सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया। उपायुक्त कार्यालय सभागार में डीसी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में हुए समारोह में आठ शिक्षकों को उनकी सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी रिटायरमेंट बेनिफिट सौंपे गए।
रिटायरमेंट के दिन ही निपटाया गया पूरा मामला
जिला प्रशासन की इस पहल से सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को अपने पेंशन और दूसरे लाभ के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ा। नौकरी के आखिरी दिन ही उनके सभी देय सेवानिवृत्ति लाभ उपलब्ध कराए गए। प्रशासन का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर और सम्मान के साथ उनका हक मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से पेंशन दरबार का आयोजन किया गया।
समारोह में आठ शिक्षकों को स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। इनमें चान्हों, बुढ़मू, बेड़ो, रातू, रांची और तमाड़ क्षेत्र के स्कूलों में लंबे समय तक सेवा देने वाले शिक्षक शामिल रहे। वर्षों तक स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के बाद जब ये शिक्षक विदा हुए तो समारोह में उनके सेवाकाल को याद किया गया और उनके आगे के जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
सम्मान पाने वालों में राजकीय मध्य विद्यालय ओपा बालिका, चान्हों की सहायक शिक्षक पूनम एक्का, राजकीय मध्य विद्यालय गाड़ी, रांची-1 की सहायक शिक्षक सुरेखा कुमारी, आरा देवरखण्ड, बुढ़मू के सहायक शिक्षक युगेश्वर विश्वकर्मा, राजकीय उच्च मध्य विद्यालय मुन्ना, बुढ़मू के सहायक शिक्षक शिवसागर प्रसाद, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बारेडीह, बेड़ो के सहायक शिक्षक शिवनन्दन कुमार, श्रद्धानन्द सेवाश्रम मध्य विद्यालय, रातू पथ, रांची-1 की सहायक शिक्षक सुनीता चौधरी, संत पौल्स मध्य विद्यालय, चर्च रोड, रांची की सहायक शिक्षक विभा तिर्की और जीईएल मध्य विद्यालय, अमलेशा, तमाड़ के सहायक शिक्षक सिबिलन मड़की शामिल हैं।
डीसी बोले- शिक्षक सिर्फ बच्चों को नहीं, समाज को भी दिशा देते हैं
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए उनके लंबे सेवाकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा बच्चों को पढ़ाने और उनके भविष्य को संवारने में लगाया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान महत्वपूर्ण है और इसे हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को अच्छे स्वास्थ्य और सुखद सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं। उपायुक्त ने कहा कि शिक्षक की जिम्मेदारी सिर्फ स्कूल की कक्षा तक सीमित नहीं होती। शिक्षक समाज में भी बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।
इसी क्रम में उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों से अपने आसपास के गरीब और वंचित बच्चों की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा आर्थिक परेशानी के कारण पढ़ाई से दूर है तो उसे शिक्षा से जोड़ने की कोशिश की जानी चाहिए। ऐसे बच्चों को पढ़ाकर उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना समाज के लिए बड़ी सेवा होगी।
बच्चों में बढ़ती मोबाइल की आदत पर जताई चिंता
समारोह के दौरान उपायुक्त ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मोबाइल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। इसका असर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ उनकी पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बच्चों का ज्यादा समय मोबाइल पर बीतने से उनकी पढ़ाई, खेलकूद और दूसरी रचनात्मक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सिर्फ स्कूल या शिक्षक ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज के हर वर्ग को जागरूक होना होगा।
समारोह में जिला शिक्षा पदाधिकारी रांची वसीम अहमद और जिला शिक्षा अधीक्षक रांची बादल राज भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया और उनके स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की।
इसे भी पढ़ें : रामगढ़ में ट्रैफिक सुधार को लेकर एसपी का सख्त एक्शन प्लान… जानें क्या

