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Ranchi : रांची की व्यस्त सड़क, धूप से तपता शहर, और एक पर्स… जिसमें नगद, सोने की चेन और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ थे। आम आदमी की नजर में यह बस एक खोया हुआ सामान था। लेकिन कुछ लोगों के लिए यह ईमानदारी और मानवता की असली परीक्षा बन गया। करमटोली निवासी प्रशांत अपने पिता के निधन के बाद श्राद्ध कर्म के लिए बेंगलुरु से रांची आए थे। नक्षत्र वन की यात्रा के दौरान उनका पर्स रास्ते में गिर गया। पर्स में नगद राशि, सोने की चेन और एटीएम व अन्य महत्वपूर्ण कार्ड थे। इस घटना को आम लोग बस “खोया और पाया” मान सकते थे। लेकिन इसी छोटे से पल में सामने आयी सांसद महुआ माजी के सुरक्षाकर्मी बीरेंद्र गोप की ईमानदारी, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।
पर्स मिलने की सूचना तुरंत सांसद को दी
बीरेंद्र गोप ने पर्स सड़क पर पाते ही तुरंत इसकी सूचना महुआ माजी को दी। महुआ माजी ने पर्स के असली मालिक का पता लगाया और प्रशांत को बुलाकर उनका पर्स लौटाया। सांसद महुआ माजी ने बीरेंद्र गोप को शॉल ओढ़ाकर और बुके देकर सम्मानित किया। एक छोटा सा कदम, लेकिन संदेश बड़ा… ईमानदारी और संवेदनशीलता ही सुरक्षा बलों की असली पहचान है।
प्रशांत ने भावनाओं का किया इजहार
पर्स वापस पाकर प्रशांत भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “ऐसे लोग दिखाते हैं कि इंसानियत अभी जीवित है। एक छोटे से कदम से भी भरोसे और उम्मीद की किरण जग सकती है।”
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