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Ranchi : आर्मी और मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 70 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का चुटिया थाना पुलिस ने खुलासा किया है। लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली खास सूचना के बाद रांची पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत कार्रवाई की और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी का नाम अरविंद प्रसाद बताया गया। वह मूल रूप से आरा (बिहार) के छोटा सासाराम का रहने वाला है। वर्तमान में चुटिया के वाटर पॉइंट, शारदा कॉलोनी में रह रहा था। आरोपी के पास से कई फर्जी आईडी कार्ड, ज्वाइनिंग लेटर और दूसरे दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। इस मामले में चुटिया थाना कांड संख्या 45/2026 दिनांक 10 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस केस में कुल 7 लोगों को नामजद किया गया है।
लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिली सूचना
सिटी एसपी पारस राणा के मुताबिक लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस को जानकारी मिली थी कि रांची में कुछ लोग आर्मी और MES में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से मोटी रकम वसूल रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए रांची एसएसपी राकेश रंजन ने तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद सिटी एसपी पारस राणा के आदेश पर एक विशेष जांच टीम यानी SIT बनाई गई।
SIT बनाकर तुरंत शुरू हुई कार्रवाई
इस मामले की जांच और कार्रवाई के लिए सिटी डीएसपी वेंकटेश रमन के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया। टीम ने लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस और चुटिया थाना पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त रूप से छापेमारी की। छापेमारी के दौरान एक आरोपी को पकड़ लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से लोगों को सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर ठगी कर रहा था। एसपी के अनुसार आरोपी ने खुद को अलग-अलग विभागों से जुड़ा बताकर लोगों को भरोसे में लिया और उनसे पैसे वसूले।
नौकरी लगवाने के नाम पर युवाओं से ली मोटी रकम
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके गिरोह ने कई लोगों से आर्मी और MES में भर्ती करवाने का दावा किया था। इसके लिए युवाओं से अलग-अलग किस्तों में पैसे लिए गए। कुल ठगी की रकम करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस को शक है कि इस गिरोह ने सिर्फ रांची ही नहीं बल्कि आसपास के इलाकों में भी कई लोगों को शिकार बनाया है।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस
इस मामले में मुन्ना कुमार ने चुटिया थाना में लिखित शिकायत दी थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया। एसपी ने बताया कि इस केस में कुल 7 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। फिलहाल एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और बाकी की तलाश जारी है।
छापेमारी में मिले कई फर्जी कागजात
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से आर्मी बहाली और MES से जुड़े कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि इन्हीं कागजातों को दिखाकर युवाओं को भरोसा दिलाया जाता था कि उनकी नौकरी पक्की हो जाएगी।
क्या-क्या सामान बरामद हुआ
पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास से जो सामान बरामद हुआ, उसमें शामिल हैं:
- डॉक्टर के नाम की मुहर और पैड, जिस पर Dr. Ramesh Mahaseth MBBS Physician Medical Officer लिखा हुआ है
- DELHI Crime का फर्जी आईडी कार्ड, जिस पर आरोपी का नाम लिखा है
- कैंटिन स्मार्ट कार्ड 3
- MES का फर्जी आईडी कार्ड 2
- HCL Enterprises का फर्जी आईडी कार्ड
- आधार कार्ड 4, पैन कार्ड 1, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस
- दो सिम कार्ड, ट्रेनिंग बुकलेट
- एग्रीमेंट पेपर, ज्वाइनिंग और पोस्टिंग की जानकारी वाला पत्र
- 5th Youth Games All India National Championship-2024 के अलग-अलग नाम से 5 फर्जी सर्टिफिकेट
- मन्नु ठाकुर के नाम पर MES CWE रांची का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और दूसरे दस्तावेज
पुलिस को शक, बड़ा हो सकता है नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो दस्तावेज मिले हैं, उससे साफ लगता है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का काम नहीं है। इस पूरे मामले में एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी कागजात कौन बनाता था और पैसे किन-किन लोगों तक पहुंचते थे।
पुलिस पूछताछ में जुटी, बाकी आरोपियों की तलाश जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी अरविंद प्रसाद से पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कई और नाम सामने आ सकते हैं। टीम लगातार छापेमारी कर रही है ताकि बाकी नामजद आरोपियों को भी पकड़ा जा सके।
इस ठग को दबोचने में सिटी डीएसपी वेंकटेश रमन, चुटिया थानेदार इंस्पेक्टर पूनम कुजूर, चुटिया थाना के अन्य पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवानों की भूमिका सराहनीय रही।
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